श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के एक फैसले में, न्यायमूर्ति एम. ए चौधरी ने एक सेवानिवृत्त सेनेटरी इंस्पेक्टर मोहम्मद शफी के मामले पर निर्णायक फैसला सुनाया, जिनके पेंशन लाभ प्रशासनिक विसंगतियों के कारण खतरे में थे। न्यायालय ने पेंशन के संवैधानिक महत्व को सुदृढ़ करते हुए इसे अनुच्छेद 31(1) के तहत संरक्षित “संपत्ति” घोषित
