एक महत्वपूर्ण कानूनी विकास में, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में राहत दी है, जिसमें जैविक पिता, याचिकाकर्ता संख्या 2, को अपने 4 वर्षीय सरोगेट बच्चे, याचिकाकर्ता संख्या 1 का एकमात्र कानूनी अभिभावक घोषित किया गया है। न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की अध्यक्षता में इस मामले में एक जटिल अंतरराष्ट्रीय सरोगेसी
