केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग वाली करीब 20 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली हैं। जांच एजेंसी ने परिस्थितियों में बदलाव का हवाला देते हुए इन याचिकाओं को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने बुधवार को CBI को याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दे दी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि बदली हुई परिस्थितियों के कारण एजेंसी अपनी याचिकाएं वापस लेना चाहती है।
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सामने आया है। इस साल हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था।
निष्पक्ष सुनवाई को लेकर CBI ने जताई थी आशंका
CBI ने 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। एजेंसी ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में मुकदमों की निष्पक्ष सुनवाई के लिए अनुकूल माहौल नहीं है।
जांच एजेंसी ने गवाहों को डराने-धमकाने और अभियोजन पक्ष के वकीलों को धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए मामलों की सुनवाई दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की मांग की थी।
इन आशंकाओं के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले पश्चिम बंगाल की विभिन्न ट्रायल कोर्ट में लंबित संबंधित मामलों की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
उस समय अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की इस दलील का संज्ञान लिया था कि जांच अधिकारियों, शिकायतकर्ताओं, वकीलों और गवाहों को खुलेआम धमकाया जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामलों में आगे की ट्रायल कार्यवाही पर रोक बनाए रखने का आदेश दिया था।
पश्चिम बंगाल CID ने शुरू कीं 458 नई जांच
इस बीच, पश्चिम बंगाल के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने 2021 की चुनावी हिंसा से जुड़ी शिकायतों पर नए सिरे से कार्रवाई शुरू की है।
अब तक CID ने 458 नई जांच शुरू की हैं और 181 नई एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अलावा, ऐसे 59 मामलों को दोबारा खोला गया है, जिनमें पहले अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी थी।
2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई थी हिंसा
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कई जिलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इस दौरान लोगों पर हमले, धमकियां देने और उन्हें अपने घरों से विस्थापित करने के आरोप लगे थे।
इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था और कई स्तरों पर जांच शुरू की गई थी।
बाद में CBI ने 2023 में सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए संबंधित मुकदमों को पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की थी।
अब सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद एजेंसी ने अपनी करीब 20 ट्रांसफर याचिकाएं वापस ले ली हैं। इसके साथ ही इन याचिकाओं के जरिए मुकदमों की सुनवाई दूसरे राज्य में कराने की CBI की मांग समाप्त हो गई है।
