22 अगस्त को, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसला सुनाया जो प्रतिकूल कर मूल्यांकन आदेश पारित करने से पहले व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान करने की अनिवार्य प्रकृति पर जोर देता है। अदालत का फैसला मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने सुनाया। मामला राज्य कर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी
