एक महत्वपूर्ण फैसले में, न्यायमूर्ति शशिकांत मिश्रा की अध्यक्षता वाली उड़ीसा हाईकोर्ट ने जमानत रद्द करने के आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को बरकरार रखा और फैसला सुनाया कि मजिस्ट्रेट के पास जमानत रद्द करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है। इस मामले में चिन्मय साहू शामिल थे, जिन
