इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन हड़पने के मामले में यूपी के पूर्व विधायक की जमानत अर्जी खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन हड़पने के एक मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि उनके आपराधिक अतीत को “नजरअंदाज नहीं किया जा सकता”।

अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ 80 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मिश्रा की जमानत याचिका को खारिज करते हुए, न्यायमूर्ति समीर जैन ने मंगलवार को कहा, “आवेदक (ए) उत्तर प्रदेश का बहुत प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति है और उसके खिलाफ 85 मामले दर्ज किए गए थे और 13 मामले अभी भी लंबित हैं। मामलों की सूची के अवलोकन से , यह दर्शाता है कि (ए) कई मामले गंभीर और जघन्य अपराधों के थे और दो मामलों में उन्हें पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।”

READ ALSO  हाईकोर्ट ने संपत्ति विवाद पर दर्ज एससी/एसटी एक्ट का मामला रद्द किया

अदालत ने आगे कहा, “इसलिए, () संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जमानत पर रिहा होने के बाद, () आवेदक गवाहों के साथ छेड़छाड़ (के साथ) कर सकता है, खासकर तब जब आवेदक के खिलाफ इस तरह के आरोप वर्तमान मामले की प्राथमिकी में ही हैं। “

1 सितंबर, 2021 को मिश्रा के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक और उनके बेटे ने भदोही जिले के गोपीगंज क्षेत्र में जबरन एक जमीन पर कब्जा कर लिया था। गोपीगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में मिश्रा, उनकी पत्नी और बेटे को नामजद किया गया है.

READ ALSO  पति की सहमति के बिना भी हिंदू विधवा को गोद लेने का पूरा अधिकार, 42 साल पुराना संपत्ति विवाद सुलझा:बॉम्बे हाई कोर्ट

भदोही से लगातार चार बार विधायक चुने गए मिश्र फिलहाल आगरा जेल में बंद हैं.

Related Articles

Latest Articles