राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को दी मंजूरी

नई दिल्ली: देशभर में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विनियमन में सुधार लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी है। यह अधिनियम इस सप्ताह संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था। इसका उद्देश्य वक्फ प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता को बढ़ावा देना है, जो देश में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं:

नामकरण और पुनर्गठन:
इस अधिनियम के तहत वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर “यूनिफाइड मैनेजमेंट एम्पावरमेंट एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMEED) अधिनियम” कर दिया गया है। यह नामकरण वक्फ प्रबंधन को आधुनिक और दक्ष बनाने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।

READ ALSO  दिल्ली हाईकोर्ट ने पुष्टि की:  ट्रेडमार्क रजिस्ट्री ईमेल के माध्यम से दस्तावेज़ भेज सकती है

उत्तराधिकार अधिकार:
नए प्रावधानों के तहत महिलाओं को वक्फ संपत्तियों में समान उत्तराधिकार का अधिकार दिया गया है, जो लैंगिक समानता और मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Video thumbnail

वक्फ बोर्डों में विविधता:
समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए, अधिनियम वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी शामिल करने की अनुमति देता है। इससे प्रबंधन में विविध दृष्टिकोण और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।

वित्तीय पारदर्शिता:
अधिनियम के तहत जिन वक्फ संस्थाओं की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक है, उन्हें ऑडिट कराना अनिवार्य किया गया है। यह कदम वक्फ निधियों के दुरुपयोग को रोकने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।

योगदान में कटौती:
वक्फ संस्थाओं के वक्फ बोर्डों को दिए जाने वाले अनिवार्य योगदान को 7% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इसका उद्देश्य छोटे वक्फ संस्थानों पर वित्तीय बोझ को कम करना और समुदाय कल्याण के कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराना है।

READ ALSO  बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को कोरोना की दवा की जमाख़ोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी

संभावित प्रभाव:

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के लागू होने से मुस्लिम समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है। इसके तहत वक्फ संपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में योगदान बढ़ेगा।

क्रियान्वयन की समयसीमा:

सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद जल्द ही इस अधिनियम का क्रियान्वयन शुरू होने की संभावना है। इसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों और वक्फ बोर्डों के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि नए प्रावधानों को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट ने लैंगिक रूढ़िवादिता से निपटने के लिए हैंडबुक लॉन्च की
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles