विवेक ओबेरॉय ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की याचिका, एआई और डीपफेक से छवि खराब करने वालों पर रोक की मांग

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अभिनेता और उद्यमी विवेक ओबेरॉय की उस याचिका पर संज्ञान लिया जिसमें उन्होंने अपनी पर्सनालिटी राइट्स — जैसे नाम, तस्वीर, आवाज़ आदि — के संरक्षण की मांग करते हुए एआई और डीपफेक तकनीक के जरिए उनके साथ की जा रही छेड़छाड़ पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा, “हम आदेश पारित करेंगे।”

विवेक ओबेरॉय ने अपनी याचिका में कहा कि कई संस्थाएं और व्यक्ति सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर उनके नाम और तस्वीरों से फर्जी अकाउंट चला रहे हैं। इसके अलावा, उनके खिलाफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अश्लील और झूठे डीपफेक वीडियो तैयार किए जा रहे हैं।

“इन वीडियो में मुझे गलत संदर्भों में और अन्य फिल्मी हस्तियों के साथ आपत्तिजनक परिस्थितियों में दिखाया जाता है… ऐसे वीडियो मेरे पारिवारिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर सीधा आघात करते हैं,” याचिका में कहा गया।

ओबेरॉय ने दावा किया कि इस प्रकार की झूठी सामग्री से उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक छवि को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है।

अभिनेता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीर और नाम का उपयोग करते हुए पोस्टर, टी-शर्ट और पोस्टकार्ड जैसे उत्पाद बेचे जा रहे हैं, जो पूरी तरह से अनधिकृत और अवैध है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अभिनय के अलावा एक स्वतंत्र कारोबारी पहचान भी बनाई है, जिसमें भारत और दुबई में व्यावसायिक हित हैं। “मेरी पहचान के किसी भी पहलू — जैसे नाम, हस्ताक्षर, आवाज़ या तस्वीर — का व्यावसायिक उपयोग मेरी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता,” याचिका में कहा गया।

विवेक ओबेरॉय ने कोर्ट से अपील की है कि वह उन अज्ञात और पहचाने गए व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश पारित करे जो उनके पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन कर रहे हैं, और सोशल मीडिया व अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दे।

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गौरतलब है कि हाल के महीनों में अभिषेक बच्चन, सलमान खान, श्री श्री रविशंकर और पत्रकार सुधीर चौधरी सहित कई प्रसिद्ध हस्तियां दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर चुकी हैं और अपने नाम, छवि और आवाज़ की सुरक्षा की मांग की है। अदालत ने इनमें से कई मामलों में अंतरिम राहत भी प्रदान की है।

अब इस मामले में अदालत का विस्तृत आदेश आने की संभावना है।

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