यूपी में रात 10 बजे के बाद शादियों में शोर पर पूरी तरह पाबंदी: इलाहाबाद हाई कोर्ट का सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में देर रात तक होने वाले शोर-शराबे और सार्वजनिक पार्कों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए शादियों, समारोहों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में रात 10 बजे के बाद तेज आवाज और शोर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह कदम आम जनता, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को होने वाली भारी असुविधा को देखते हुए उठाया गया है।

जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी

यह आदेश जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मनजीव शुक्ला की खंडपीठ ने धर्मपाल यादव द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने मुख्य रूप से लखनऊ के प्रसिद्ध जनेश्वर मिश्र पार्क के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत ने इसके दायरे को बढ़ाते हुए पूरे प्रदेश के लिए निर्देश जारी किए।

अदालत ने कहा कि सार्वजनिक पार्कों और रिहायशी इलाकों में निर्धारित सीमा से अधिक शोर न केवल इंसानों के लिए, बल्कि पर्यावरण और वहां रहने वाले पक्षियों व जीव-जंतुओं के लिए भी हानिकारक है।

पूरे प्रदेश के पार्कों का होगा सर्वे

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों के कमिश्नरों और सभी जिलाधिकारियों (DMs) को एक व्यापक सर्वे करने का आदेश दिया है। इस सर्वे के तहत अपने-अपने क्षेत्रों के सभी पार्कों, खेल के मैदानों और खुले स्थानों की पहचान कर उन्हें सरकारी सूची में शामिल करना होगा।

यह कार्रवाई ‘उत्तर प्रदेश पार्क, खेल के मैदान और खुले स्थान (संरक्षण और विनियमन) अधिनियम, 1975’ के तहत की जाएगी। अदालत ने अधिकारियों से अगली सुनवाई तक इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।

LDA और पुलिस को सख्त निर्देश

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने याद दिलाया कि 1975 के अधिनियम की धारा 6 के अनुसार, किसी भी सूचीबद्ध पार्क या खेल के मैदान का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के अलावा किसी अन्य काम के लिए नहीं किया जा सकता है।

READ ALSO  How to Apply Precedents? Explains Allahabad HC in Latest Judgment

इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन और नगर निगम को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण के मानकों का सख्ती से पालन हो। आदेश में कहा गया है कि रिहायशी इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि शहर के ‘फेफड़े’ कहे जाने वाले पार्क और खुले स्थान सुरक्षित रहें।

READ ALSO  पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हुए कोरोना ग्रस्त, एम्स में भर्ती
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles