पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को केवल आपराधिक मामले में भागीदारी के आधार पर, सुनवाई का अवसर दिए बिना बर्खास्त करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह निर्णय न्यायमूर्ति पी.बी. बजंथरी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार पांडे की खंडपीठ ने सिविल रिट अधिकारिता मामले संख्या 12752/2014
