तेलंगाना हाईकोर्ट ने ‘कल्याण लक्ष्मी’ और ‘शादी मुबारक’ योजनाओं पर चार सप्ताह के लिए लगाई रोक

तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दो प्रमुख योजनाओं ‘कल्याण लक्ष्मी’ और ‘शादी मुबारक’ पर चार सप्ताह के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। बुधवार को अदालत ने यह आदेश एडवोकेट विजय गोपाल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में इन योजनाओं को लागू करने के लिए जारी किए गए सरकारी आदेशों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

अदालत के आदेश और कानूनी दलील का विवरण

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ‘कल्याण लक्ष्मी’ और ‘शादी मुबारक’ योजनाओं का संचालन केवल कार्यकारी आदेशों के आधार पर किया जा रहा है और इन्हें राज्य विधायिका द्वारा बनाए गए किसी कानून का समर्थन प्राप्त नहीं है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से निर्धारित समय में जवाबी हलफनामा (काउंटर) दाखिल न किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर अंतरिम स्टे जारी कर दिया।

योजनाओं की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

वर्ष 2014 में तत्कालीन बीआरएस (BRS) सरकार ने जरूरतमंद परिवारों की युवतियों को शादी के समय वित्तीय राहत देने के उद्देश्य से इन दोनों योजनाओं की शुरुआत की थी। इनके तहत पात्र परिवारों को 1,00,116 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।

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‘कल्याण लक्ष्मी’ योजना को अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की अविवाहित युवतियों के विवाह में मदद के लिए लाया गया था। वहीं ‘शादी मुबारक’ योजना विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के विवाह खर्च में सहायता देने और बाल विवाह पर रोक लगाने के मकसद से शुरू की गई थी।

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