तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल बलात्कार मामले में दोषी करार, हाईकोर्ट ने 2021 का बरी करने का फैसला पलटा

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने गुरुवार को तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को एक महिला पत्रकार के साथ दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और आपराधिक बल प्रयोग के आरोपों में दोषी ठहराया। हाईकोर्ट ने साल 2021 में गोवा की सत्र अदालत द्वारा तेजपाल को बरी किए जाने के फैसले को खारिज कर दिया। 62 वर्षीय तेजपाल फैसले के समय अदालत में मौजूद थे और उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए राहत की गुहार लगाई। अदालत दोपहर 2:30 बजे सजा का ऐलान करेगी।

10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान

कोर्ट ने तेजपाल को भरोसे, नियंत्रण या प्रभुत्व वाले पद पर रहते हुए यौन उत्पीड़न करने संबंधी कानूनी धाराओं के तहत दोषी पाया है। इन धाराओं के तहत कम से कम 10 साल की अनिवार्य जेल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का नियम है।

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2013 का मामला और 2021 में बरी होने की वजह

यह मामला नवंबर 2013 का है, जब एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि 7 और 8 नवंबर को गोवा के एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। साल 2021 में गोवा की सत्र अदालत ने तेजपाल को बरी करते हुए कहा था कि पीड़िता का बर्ताव यौन उत्पीड़न की शिकार किसी सामान्य महिला जैसा नहीं था। सत्र अदालत का मानना था कि महिला द्वारा भेजे गए संदेशों से जाहिर होता है कि वह सदमे में या भयभीत नहीं थी, जिससे अभियोजन का दावा कमजोर पड़ता है।

राज्य सरकार की अपील और कोर्ट में दी गई दलीलें

निचली अदालत के फैसले को विकृत बताते हुए गोवा सरकार ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सत्र अदालत ने एक तरह से पीड़िता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा कि जिरह के दौरान महिला से उसके निजी जीवन, शराब-सिगरेट पीने या दोस्तों से बातचीत के बारे में अनुचित सवाल पूछे गए, जिनका फैसले से कोई संबंध नहीं होना चाहिए था। इसके अलावा मेहता ने तेजपाल द्वारा भेजे गए उस ईमेल का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने आचरण पर शर्मिंदगी जताते हुए माफी मांगी थी। राज्य सरकार के मुताबिक यह ईमेल इस बात का सबूत था कि घटना हुई थी।

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बचाव पक्ष का पक्ष और दावे

दूसरी ओर, तेजपाल के वरिष्ठ वकील आबाद पोंडा ने राज्य सरकार की याचिका का विरोध किया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि फुटेज से महिला को लिफ्ट में जबरन खींचने के दावों की पुष्टि नहीं होती। बचाव पक्ष ने वॉट्सऐप चैट, ईमेल और गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कथित घटना के बाद भी महिला कार्यक्रमों में शामिल होती रही और देर रात हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट डी नीरो के होटल सूट में भी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि उसकी आवाजाही पर कोई बंदिश नहीं थी। तेजपाल के वकील ने यह भी कहा कि माफी वाले ईमेल को गलत समझा गया है; उनमें केवल यौन बातचीत की बात स्वीकार की गई थी, किसी शारीरिक या यौन हमले की नहीं।

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