न्यायाधिकरणों की कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट कर सकता है सदस्यों का कार्यकाल विस्तार

देश के विभिन्न न्यायाधिकरणों (Tribunals) की निरंतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने संकेत दिया है कि वह सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच रहे न्यायाधिकरण सदस्यों के कार्यकाल को विस्तारित करने पर विचार कर सकता है। यह कदम उन मामलों में उठाया जा रहा है जहां नए सदस्यों की नियुक्तियों में हो रही देरी से इन न्यायिक संस्थाओं के निष्क्रिय हो जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

बीते दिन हुई सुनवाई के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) जैसे कई ट्राइब्यूनल्स में रिक्तियों के गंभीर मुद्दे पर विचार किया और केंद्र सरकार से इन रिक्तियों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मुद्दा एक याचिका के माध्यम से सामने आया, जिसमें बताया गया कि कई ट्राइब्यूनल्स में सदस्यों के कार्यकाल का नवीनीकरण नहीं हुआ है और नई नियुक्तियों के अभाव में वे लगभग बंद होने की कगार पर हैं। याचिका में नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) और इसके पूर्वी और दक्षिणी पीठों के सदस्यों के कार्यकाल की समाप्ति की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है, जो अप्रैल की शुरुआत में समाप्त हो रहे हैं।

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सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया

पीठ द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने बताया कि नई नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रगति पर है, लेकिन पूर्ण स्थिति की पुष्टि और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है।

न्यायालय ने इस प्रक्रिया की जटिलता को समझते हुए सुझाव दिया कि वर्तमान सदस्य अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद भी अस्थायी रूप से कार्य करते रहें, ताकि ट्राइब्यूनलों की कार्यवाही प्रभावित न हो।

सुधार के सुझाव और अगली सुनवाई

सुनवाई के दौरान ट्राइब्यूनलों की कार्यक्षमता सुधारने को लेकर अन्य सुझावों पर भी चर्चा हुई। इनमें सर्किट पीठों (Circuit Benches) की स्थापना का विचार सामने आया, ताकि देश के दूरदराज़ हिस्सों में रहने वाले लोगों को भी न्याय तक सुगम पहुंच मिल सके।

इस संदर्भ में वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह और अन्य बार सदस्यों से ट्राइब्यूनलों के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे गए हैं।

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अगली सुनवाई: 2 अप्रैल

सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 2 अप्रैल 2025 तय की है, जब तक कि अटॉर्नी जनरल से नियुक्तियों की स्थिति और प्रक्रिया में तेजी लाने के उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है।

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