सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही कॉलेजियम ने चीफ जस्टिस के रूप में उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें तत्काल राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर करने का भी प्रस्ताव दिया है।
इस प्रस्ताव के अमल में आने पर चीफ जस्टिस के रूप में औपचारिक नियुक्ति में समय लगने की स्थिति में भी जस्टिस अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट में सबसे सीनियर जज के रूप में कार्यभार संभालेंगे। चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्ति होने पर वह राजस्थान हाईकोर्ट के नियमित चीफ जस्टिस का पद संभालेंगे।
जस्टिस अग्रवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज हैं। सितंबर 2013 में उन्हें हाईकोर्ट का अपर जज नियुक्त किया गया था और मार्च 2016 में वह स्थायी जज बने। हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले वह छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे घटनाक्रम के बीच सिफारिश
कॉलेजियम का यह कदम राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच सामने आया है। जयपुर और जोधपुर दोनों बेंचों के वकील उनके खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने हाल ही में CJI सूर्यकांत को पत्र लिखकर जस्टिस शर्मा को राजस्थान से ट्रांसफर करने और किसी अन्य हाईकोर्ट से नियमित चीफ जस्टिस नियुक्त करने की मांग की थी। जस्टिस मेहता ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस द्वारा प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल और मामलों की लिस्टिंग को लेकर आरोप लगाए थे।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बेंच के वकील भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और जस्टिस शर्मा को कार्यवाहक चीफ जस्टिस के प्रभार से हटाने की मांग कर रहे हैं।
जस्टिस शर्मा ने न्यायिक कार्य से खुद को अलग किया
इस बीच, जस्टिस शर्मा ने रविवार को खुद को न्यायिक कार्य से अलग कर लिया। उनके द्वारा तय किए गए नए रोस्टर में 1 सितंबर से 5 सितंबर तक कार्यवाहक चीफ जस्टिस के लिए किसी नियमित न्यायिक बैठक का प्रावधान नहीं किया गया है।
पहले उनकी बेंच को सौंपे गए मामलों को अब अन्य बेंचों में आवंटित कर दिया गया है।

