सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने रेखांकित किया कि अधिवक्ता अधिनियम की धारा 24(1)(एफ) के अनुसार, अधिवक्ताओं के लिए नामांकन शुल्क ₹600 से अधिक नहीं होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की अगुवाई वाली पीठ ने विभिन्न राज्य बार काउंसिलों द्वारा लगाए गए अत्यधिक नामांकन शुल्क को चुनौती
