पटियाला नगर निकाय चुनाव में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आयोग का गठन किया

सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला में पिछले दिसंबर में हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान कथित प्रक्रिया संबंधी चूकों, नियम उल्लंघनों और हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग आयोग का गठन किया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन.के. सिंह की पीठ ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर को इस जांच आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

कोर्ट ने आयोग को प्रतिदिन आधार पर जांच करने का निर्देश दिया है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद जल्द से जल्द रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। याचिकाओं में सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों और अज्ञात व्यक्तियों पर विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इन अवरोधों ने शारीरिक हमले, कपड़े फाड़ने और नामांकन पत्र छीनने जैसी हिंसक घटनाओं का रूप ले लिया।

इसके अलावा, याचिकाओं में यह भी आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नामांकन प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग नहीं की गई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एच.एस. ओबेरॉय और राज्य सरकार की ओर से वकील फेरी सोफत ने जांच आयोग के गठन पर सहमति जताई।

READ ALSO  कांवर झील के अस्तित्व पर संकट: एनजीटी ने केंद्र, बिहार सरकार और पर्यावरण एजेंसियों से माँगा जवाब

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जांच केवल उन्हीं मामलों पर केंद्रित होगी जहां पहले ही हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से राहत मांगी गई थी, ताकि यह नियुक्ति किसी उदाहरण के रूप में न ली जाए। अदालत ने कहा कि आयोग का गठन इसलिए आवश्यक है क्योंकि “तथ्यों से जुड़े कई विवादित प्रश्न हैं जिन्हें रिट क्षेत्राधिकार में हल नहीं किया जा सकता” और इन विवादों के चलते निर्वाचित नगर निकायों के कार्यों पर भी प्रभाव पड़ा है।

न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर को इस भूमिका के लिए प्रति माह ₹5 लाख मानधन मिलेगा। साथ ही उन्हें एक सरकारी वाहन, सचिवीय सहायता और एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी तथा एक निजी सचिव चुनने का अधिकार भी दिया गया है जो उनकी दैनिक कार्यवाही में सहयोग करेंगे। राज्य सरकार को आयोग के कार्य के लिए चंडीगढ़ या मोहाली में उपयुक्त कार्यालय स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

READ ALSO  Ex-Facie Proof of Adultery Can Bar Maintenance at Interim Stage, Rules Supreme Court

इस मामले पर अगली सुनवाई 22 मई को होगी, जब सुप्रीम कोर्ट आयोग की जांच प्रगति की समीक्षा करेगा। आयोग पटियाला नगर निकाय चुनाव के साथ-साथ मोगा के धर्मकोट नगर समिति चुनाव में भी इसी तरह की शिकायतों की जांच कर सकता है।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles