रेणुकास्वामी हत्याकांड: अभिनेता दर्शन को जेल में बुनियादी सुविधाएं न मिलने के दावों पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

रेणुकास्वामी हत्याकांड के सिलसिले में जेल में बंद कन्नड़ अभिनेता दर्शन की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया। अदालत ने कर्नाटक सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अभिनेता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें जेल में भोजन और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने दर्शन की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने विशेष रूप से उनकी हिरासत की स्थिति और मुकदमे की वर्तमान प्रगति की जानकारी मांगी है।

दर्शन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ के समक्ष दलील दी कि कोर्ट की पिछली टिप्पणियों के गलत अर्थ निकालने के कारण अभिनेता को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। रोहतगी ने तर्क दिया कि चूंकि कोर्ट ने पहले यह कहा था कि अभिनेता को जेल में “फाइव-स्टार ट्रीटमेंट” नहीं दिया जाना चाहिए, इसलिए जेल अधिकारियों ने अतिवादी रुख अपनाते हुए उन्हें मौलिक आवश्यकताओं से भी वंचित कर दिया है।

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रोहतगी ने कहा, “आपके लॉर्डशिप ने आदेश में टिप्पणी की थी कि उन्हें जेल में फाइव-स्टार ट्रीटमेंट नहीं मिलना चाहिए। उस निर्देश के कारण, मुझे बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दर्शन को एक “क्वारंटीन सेल” में रखा गया है, जहां न तो रोशनी है और न ही पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 अगस्त को इस मामले में दर्शन और अन्य आरोपियों को दी गई जमानत रद्द कर दी थी।

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जेल की स्थिति के अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मूल मुकदमे की प्रगति पर भी स्पष्टता मांगी है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर व्यापक रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

पीठ ने टिप्पणी की, “हम जानना चाहते हैं कि अब तक कितने गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और राज्य कितने गवाहों का परीक्षण करने का प्रस्ताव रखता है। हम यह भी जानना चाहते हैं कि ट्रायल कोर्ट द्वारा इस मामले को पूरा करने में कितना समय लगने की संभावना है।”

इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने राज्य से यह पुष्टि करने को कहा है कि “एक विचाराधीन कैदी के तौर पर याचिकाकर्ता को वे बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं या नहीं, जिसका वह हकदार है।”

कन्नड़ फिल्म उद्योग के चर्चित अभिनेता दर्शन को उनके प्रशंसक रहे 33 वर्षीय रेणुकास्वामी के अपहरण और हत्या के आरोप में अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और कई अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच के अनुसार, रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर पवित्रा गौड़ा को अश्लील संदेश भेजे थे, जिससे नाराज होकर यह कदम उठाया गया।

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अभियोजन पक्ष का आरोप है कि जून 2024 में पीड़ित का अपहरण कर उसे बेंगलुरु के एक शेड में तीन दिनों तक रखा गया और क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित किया गया। बाद में उसका शव एक नाले से बरामद हुआ, जिसके बाद कई गिरफ्तारियां हुईं और इस मामले ने पूरे कर्नाटक को झकझोर कर रख दिया।

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