एक महत्वपूर्ण फैसले में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 195(1)(बी)(ii) न्यायालयों को न्यायिक कार्यवाही में दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने से पहले किए गए जालसाजी के आरोपों की जांच करने से नहीं रोकती है। यह निर्णय अरोकियासामी बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य मामले में दिया गया, जहां पीठ
