मशरूम खेती के लिए एल्युमीनियम शेल्विंग ‘कृषि मशीनरी के पुर्जे’ नहीं बल्कि ‘एल्युमीनियम स्ट्रक्चर’: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि मशरूम उगाने के लिए आयातित “एल्युमीनियम शेल्विंग” (Aluminium Shelving) को सीमा शुल्क टैरिफ आइटम (CTI) 76109010 के तहत “एल्युमीनियम स्ट्रक्चर्स” (Aluminium Structures) के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। इस वर्गीकरण के तहत इन वस्तुओं पर 10% मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty) लागू होगा। कोर्ट ने इसे CTI 84369900 के तहत “कृषि मशीनरी के पुर्जे” मानने से इनकार कर दिया, जिस पर शून्य दर से शुल्क लगता है।

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (CESTAT) के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि स्थिर और गैर-गतिशील असेंबली (static, non-moving assemblies) को केवल उनके अंतिम उपयोग या अन्य उपकरणों के साथ एकीकरण के आधार पर “मशीनरी” के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है।

शीर्ष अदालत के समक्ष मुख्य कानूनी मुद्दा मशरूम की खेती में उपयोग की जाने वाली आयातित एल्युमीनियम शेल्विंग का उचित वर्गीकरण था। विवाद यह था कि क्या उक्त माल को निम्न में से किसके तहत वर्गीकृत किया जाना चाहिए:

  • CTI 76109010: एल्युमीनियम स्ट्रक्चर्स (अध्याय 76) – 10% सीमा शुल्क।
  • CTI 84369900: कृषि/बागवानी मशीनरी के पुर्जे (अध्याय 84) – शून्य शुल्क।

अदालत ने राजस्व विभाग (Revenue) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए माना कि ये वस्तुएं एल्युमीनियम की संरचनाएं हैं और सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 के तहत “मशीनरी” या “मशीनरी के पुर्जे” की श्रेणी में नहीं आती हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

मैसर्स वेल्किन फूड्स (प्रतिवादी) ने फ्लोर ड्रेन और स्वचालित पानी की व्यवस्था (Automatic Watering System) के साथ एल्युमीनियम शेल्विंग का आयात किया था। प्रतिवादी ने सभी वस्तुओं को CTI 84369900 के तहत कृषि मशीनरी के पुर्जों के रूप में वर्गीकृत किया। विभाग ने फ्लोर ड्रेन और वाटरिंग सिस्टम के वर्गीकरण को स्वीकार कर लिया, लेकिन एल्युमीनियम शेल्विंग के वर्गीकरण पर आपत्ति जताई।

राजस्व विभाग का तर्क था कि शेल्विंग CTI 76109010 के तहत “एल्युमीनियम स्ट्रक्चर्स” का गठन करती है। इस गलत वर्गीकरण के कारण कथित तौर पर 21,01,983 रुपये की कम ड्यूटी का भुगतान किया गया था। न्यायनिर्णायक प्राधिकारी और सीमा शुल्क आयुक्त (अपील) ने मांग की पुष्टि की, यह मानते हुए कि सामान एल्युमीनियम की संरचनाएं थीं जिन्हें एक स्थान पर तय किया जाना था और उनमें मशीन की विशेषताएं नहीं थीं।

हालांकि, सेस्टैट (CESTAT) ने प्रतिवादी की अपील को स्वीकार कर लिया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि सामान “विशेष रूप से” मशरूम उगाने के लिए डिज़ाइन किया गया था और “व्यापारिक बोलचाल” (Trade Parlance) में इसे मशरूम उगाने वाले रैक के रूप में जाना जाता था। ट्रिब्यूनल ने कृषि मशीनरी की अधिक विशिष्ट श्रेणी के तहत सामान को वर्गीकृत करने के लिए व्याख्या के सामान्य नियम (GRI) 3 का सहारा लिया था। राजस्व विभाग ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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पक्षों की दलीलें

अपीलकर्ता (राजस्व) की ओर से दलीलें:

  • अंतिम उपयोग (End Use) अप्रासंगिक: आयात के समय कर योग्य घटना (Taxable Event) घटित होती है। आयात के समय वस्तु की स्थिति महत्वपूर्ण है, और अंतिम उपयोग वर्गीकरण को निर्धारित नहीं करता है जब तक कि टैरिफ प्रविष्टि विशेष रूप से इसका उल्लेख न करे।
  • मशीनरी नहीं है: अलमारियों में कोई भी गतिशील पुर्जे (moving parts) नहीं हैं और वे बल या ऊर्जा संचारित नहीं करते हैं। वे अन्य मशीनों को सहारा देने वाले स्थिर ढांचे हैं।
  • ‘पुर्जे’ नहीं हैं: केवल इसलिए कि मशीनों को अलमारियों पर क्लैंप किया जाता है, अलमारियां मशीन का “पुर्जा” (Part) नहीं बन जाती हैं।

प्रतिवादी (आयातक) की ओर से दलीलें:

  • मशीन की परिभाषा: धारा XVI के नोट 5 पर भरोसा करते हुए, प्रतिवादी ने तर्क दिया कि “मशीन” अभिव्यक्ति में कोई भी “मशीनरी, संयंत्र, उपकरण, या अप्लायंस” शामिल है।
  • विशिष्ट बनाम सामान्य: GRI 3 का हवाला देते हुए, यह तर्क दिया गया कि अध्याय 84 (कृषि उपयोग के लिए विशिष्ट) को अध्याय 76 (सामान्य एल्युमीनियम संरचनाएं) पर वरीयता दी जानी चाहिए।
  • आवश्यक घटक: मशरूम उगाने वाले उपकरण के कामकाज के लिए अलमारियां आवश्यक थीं और इस प्रकार उन्हें पुर्जों के रूप में माना जाना चाहिए।
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कोर्ट का विश्लेषण

सुप्रीम कोर्ट ने व्याख्या के सामान्य नियमों (GRI), सामान्य बोलचाल परीक्षण (Common Parlance Test) की प्रयोज्यता, और वर्गीकरण विवादों में “उपयोग” (Use) के विचार का विस्तृत विश्लेषण किया।

1. सामान्य बोलचाल परीक्षण की प्रयोज्यता अदालत ने स्पष्ट किया कि सामान्य बोलचाल परीक्षण केवल वैधानिक मार्गदर्शन (statutory guidance) के अभाव में किसी शब्द के अर्थ का पता लगाने के लिए कार्य करता है। इसका उपयोग क़ानून के स्पष्ट जनादेश को दरकिनार करने या उन वस्तुओं को पुनर्वर्गीकृत करने के लिए नहीं किया जा सकता है जो किसी विशेष शीर्षक के तहत स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य हैं।

2. ‘उपयोग’ पर विचार पीठ ने कहा कि ‘उपयोग’ केवल तभी एक प्रासंगिक कारक हो सकता है जब टैरिफ शीर्षक स्पष्ट रूप से या स्वाभाविक रूप से ‘उपयोग’ या ‘अनुकूलन’ (Adaptation) का उल्लेख करता हो।

  • CTI 7610 (एल्युमीनियम स्ट्रक्चर्स): यह एक इओ-नोमिन (eo-nomine) प्रावधान है (नाम से माल का वर्णन करता है) और उपयोग का कोई संदर्भ नहीं देता है। यह सभी एल्युमीनियम संरचनाओं को कवर करता है।
  • CTI 8436 (कृषि मशीनरी): यद्यपि यह शीर्षक उपयोग का संकेत देता है, लेकिन माल को पहले “मशीनरी” के रूप में अर्हता प्राप्त करनी चाहिए।

3. विषयगत वस्तुओं की प्रकृति अदालत ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि एल्युमीनियम की अलमारियों को “मशीनरी” कहा जा सकता है। कोर्ट ने कहा:

“हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि सामान्य बोलचाल में, विषयगत वस्तुओं को ‘मशीनरी’ के रूप में नहीं समझा जाता है। उदाहरण के लिए, लोहे या स्टील की शेल्फ को सार्वभौमिक रूप से ‘स्ट्रक्चर’ या ‘फर्नीचर’ के रूप में समझा जाता है, न कि मशीन के रूप में। इसी तर्क से, ये एल्युमीनियम असेंबली केवल संरचनाएं हैं। इन स्थिर, गैर-गतिशील असेंबलियों को ‘मशीनरी’ के रूप में वर्गीकृत करना सामान्य ज्ञान के विपरीत है और पूरी तरह से बेतुका है।”

4. ‘कार्यात्मक इकाई’ और ‘पुर्जे’ के तर्क को खारिज किया अदालत ने नोट किया कि मशरूम उगाने वाला उपकरण एक कार्यात्मक इकाई (Functional Unit) नहीं था क्योंकि व्यक्तिगत मशीनें (पानी देना, खाद फैलाना आदि) स्वतंत्र कार्य करती थीं। इस तर्क के संबंध में कि अलमारियां मशीनरी के “पुर्जे” थीं, अदालत ने माना:

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“सभी व्यक्तिगत मशीनें पहले से ही पूर्ण हैं और अपने आप में पूरी तरह से चालू हैं, यानी उनके यांत्रिक और विद्युत कार्य एल्युमीनियम की अलमारियों पर निर्भर नहीं हैं। ये अलमारियां उनके संचालन में योगदान नहीं देती हैं; वे केवल उपकरणों को अपना कार्य करने के लिए एक सतह (Surface) के रूप में काम करती हैं। एक सतह किसी वस्तु को सहारा देती है लेकिन उसका हिस्सा (Part) नहीं बनती है।”

निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि विषयगत वस्तुएं CTI 76109010 के तहत “एल्युमीनियम स्ट्रक्चर्स” के मानदंडों को पूरा करती हैं क्योंकि वे एल्युमीनियम से बनी हैं और एक संरचना की विशेषताएं रखती हैं (एक बार असेंबल होने के बाद स्थिति में रहना)।

चूंकि सामान संरचनाएं पाई गईं और कृषि मशीनरी के पुर्जे नहीं, इसलिए अदालत ने माना कि वे धारा XV के सेक्शन नोट 1(f) के आधार पर धारा XVI (मशीनरी) के तहत वर्गीकरण से कानूनी रूप से प्रतिबंधित हैं।

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा:

“किसी भी दृष्टिकोण से देखने पर, हमारा दृढ़ मत है कि विषयगत वस्तुओं को अध्याय शीर्ष 8436 के तहत वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है। नतीजतन, विषयगत वस्तुएं CTI 76109010 के तहत ‘एल्युमीनियम स्ट्रक्चर्स’ के रूप में वर्गीकृत किए जाने के लिए उत्तरदायी हैं।”

अपील को स्वीकार किया गया और सेस्टैट (CESTAT) के विवादित फैसले को रद्द कर दिया गया।

केस विवरण

केस टाइटल: सीमा शुल्क आयुक्त (आयात) बनाम मैसर्स वेल्किन फूड्स

केस नंबर: सिविल अपील संख्या 5531/2025

कोरम: जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन

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