सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 अप्रैल, 2026 को हुई अपनी बैठक में केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में दो महिला अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने श्रीमती प्रीता अरविंदन कृष्णम्मा और श्रीमती लिज़ मैथ्यू एंथ्रापर के नामों को हाईकोर्ट बेंच के लिए अनुशंसित किया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंगलवार को कॉलेजियम की चर्चा के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में इस निर्णय की पुष्टि की गई। यह प्रस्ताव केरल हाईकोर्ट में रिक्त पदों को भरने के उद्देश्य से बार (Bar) के सदस्यों को न्यायिक सेवा में पदोन्नत करने से संबंधित है।
नामांकित अधिवक्ता
कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित दो अधिवक्ता निम्नलिखित हैं:
- श्रीमती प्रीता अरविंदन कृष्णम्मा: न्यायालयों में वकालत करने वाली एक अनुभवी अधिवक्ता, जिन्हें अब हाईकोर्ट में पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया है।
- श्रीमती लिज़ मैथ्यू एंथ्रापर: एक वरिष्ठ अधिवक्ता, जिनके नाम को न्यायाधीश पद के लिए मंजूरी दी गई है।
नियुक्ति की प्रक्रिया
कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद, अब ये नाम केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय को भेजे जाएंगे। मंत्रालय इन फाइलों को संसाधित करने के बाद औपचारिक नियुक्ति वारंट के लिए भारत के राष्ट्रपति के पास भेजेगा। राष्ट्रपति की सहमति और उसके बाद आधिकारिक राजपत्र (Official Gazette) में अधिसूचना जारी होने पर, इन अधिवक्ताओं को केरल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शपथ दिलाई जाएगी।
केरल हाईकोर्ट, जिसकी न्यायाधीशों की एक निश्चित स्वीकृत संख्या है, में इन नई नियुक्तियों से न्यायिक कामकाज को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

