सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी), 1908 की धारा 115 के तहत अपने पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार (रिवीज़नल ज्यूरिसडिक्शन) का प्रयोग करते हुए हाईकोर्ट निचली अदालतों द्वारा दर्ज किए गए तथ्यों के सहवर्ती निष्कर्षों (कनकरेंट फाइंडिंग्स) को उलटने के लिए साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकते। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन
