अत्यधिक शराब पीने से हुई मौत सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराधिकारी के बीमा के दावा को खारिज कर दिया

नई दिल्ली—- सुप्रीम कोर्ट ने उस व्यक्ति की कानूनी उत्त्तराधिकारी के बीमा दावे को खारिज कर दिया है। जिसमे मौत ज्यादा शराब पीने और दम घुटने से मौत हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में बीमा कंपनियों का दायित्व पूरी तरह या प्रत्यक्ष तौर पर किसी दुर्घटना से पहुँची चोट के मामले में मुआवजा देने का है। 

जस्टिस एम एम शनतानागौदर और जस्टिस विनीत शरण की पीठ ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश को बरकरार रखा है। जिसने कहा था कि मृत्यु  किसी दुर्घटना की वजह से नही हुई और बीमा नीति के तहत ऐसे मामले मे मुआवजा देने का कोई संविधानिक दायित्व नही है। 

बेंच ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर हुम् राष्ट्रीय आयोग के 24 अप्रैल 2009 के आदेश में हस्तक्षेप का कोई कारण दिखाई नही देता। 

सुप्रीम कोर्ट ने उपरोक्त आदेश हिमांचल प्रदेश राज्य वन निगम में तैनात एक चौकीदार की कानूनी उत्त्तराधिकारी नर्वदा देवी की याचिका पर दिया। 

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