अलवर मॉब लिंचिंग केस: 4 लोगों को 7 साल कैद की सजा

राजस्थान के अलवर जिले में 2018 में गौ तस्करी के संदेह में रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में यहां की एक अदालत ने गुरुवार को चार लोगों को सात साल कैद की सजा सुनाई।

मामले के पांचवें आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला जज कोर्ट-1 ने परमजीत सिंह, धर्मेंद्र यादव, नरेश शर्मा व विजय कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकना) व 304(1) (गैर इरादतन हत्या, हत्या की कोटि में नहीं आने) के तहत दोषी करार दिया, लोक अभियोजक अशोक शर्मा ने कहा।

अदालत ने उन्हें सात साल कैद की सजा सुनाई, उन्होंने कहा और कहा कि नवल किशोर को पर्याप्त सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया था।

अशोक शर्मा ने कहा कि आईपीसी की धारा 304 (1) धारा 302 (हत्या) का हिस्सा है, जहां ज्ञान है लेकिन हत्या करने का कोई इरादा नहीं है।

READ ALSO  वालयार बहनों की मौत मामले की जांच पर सीबीआई को विस्तृत रिपोर्ट देनी चाहिए: केरल हाईकोर्ट

सरकारी वकील ने कहा कि मामले में लिंचिंग पर विचार किया गया है।

पुलिस ने 2019 में परमजीत सिंह, नरेश शर्मा, विजय कुमार और धर्मेंद्र यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

20 जुलाई, 2018 को अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के एक इलाके में गौ तस्करी के संदेह में रकबर खान और उसके दोस्त असलम को लोगों के एक समूह ने बुरी तरह पीटा था।

उन्होंने कथित तौर पर लाडपुरा गांव से गायें खरीदी थीं और उन्हें लालवंडी गांव के पास एक जंगली इलाके से होते हुए हरियाणा में अपने गांव ले जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।

READ ALSO  मुकदमे के दौरान संपत्ति खरीदने वाले नीलामी को चुनौती देने के लिए अलग सूट दायर नहीं कर सकते; सुप्रीम कोर्ट ने धारा 52 TPA और धारा 47 CPC के तहत रोक को स्पष्ट किया

असलम भागने में सफल रहा लेकिन खान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

Related Articles

Latest Articles