लखनऊ से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक रिटायर्ड जज के घर काम करने वाले रसोइए महेश निषाद ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले महेश ने एक वीडियो और ऑडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने अपने नियोक्ताओं को इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया। महेश का शव लखनऊ के लक्ष्मण मेला ग्राउंड रोड के पास स्थित उसके निवास पर पाया गया।
महेश निषाद रिटायर्ड जज अनिल श्रीवास्तव के घर में रसोइए के रूप में काम कर रहा था। हाल ही में उस पर ₹6.5 लाख मूल्य की वस्तुएं चुराने का आरोप लगाया गया था। महेश के अनुसार, इस आरोप के बाद से उसे लगातार और गंभीर रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, खासकर जज की पत्नी वंदना श्रीवास्तव द्वारा।
अपनी मौत से पहले महेश ने एक वीडियो संदेश में अपनी मां से कहा, “माँ, आज के बाद आपसे मुलाकात नहीं होगी, मैं आत्महत्या करने जा रहा हूँ।” यह संदेश उसके मानसिक तनाव और पीड़ा को उजागर करता है।

महेश की पत्नी कविता निषाद ने अनिल और वंदना श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि दंपती ने न सिर्फ महेश पर चोरी का आरोप लगाया, बल्कि बार-बार उससे पैसे की मांग भी की, जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया।
महेश के परिवार ने लक्ष्मण मेला ग्राउंड रोड पर उसका शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। उनका आरोप है कि 17 मार्च को महेश को अलीगंज थाने ले जाया गया था, जहां उसे बिना किसी औपचारिक आरोप के रातभर हिरासत में रखा गया और अगले दिन रिहा किया गया। इस घटना ने भी महेश की मानसिक स्थिति को और अधिक खराब किया।
परिवार और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।