पहले के अनुभवों के आधार पर यह नही कहा जा सकता कि पीड़िता ने अपने साथ यौन संबंध बनाने की सहमति दी: कोर्ट

दिल्ली की एक कोर्ट ने रेप के मामले में मुम्बई के एक पत्रकार की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता और आरोपी के मध्य पूर्व में हुए अनुभवों के आधार पर यह नही कहा जा सकता कि पीड़िता ने अपने साथ यौन संबंध बनाने की सहमति दी।

स्पेशल जज संजय खनगवाल ने वरुण हीरेमठ की अग्रिम जमानत याचिका को रदद करते हुए कहा कि अगर पीड़ित महिला ने कोर्ट के समक्ष पेश हुए साक्ष्यों में यह कहा है कि उसने सहमति नही दी थी। तो कोर्ट यह मानेगी की उसने सहमति नही दी।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि 20 फरवरी को चाणक्यपुरी के फाइव स्टार होटल में वरुण ने उसके साथ बलात्कार किया। आरोपी युवक के पक्षकार वकील ने व्हाट्सअप और इंस्टाग्राम में हुई चैट का हवाला देते हुए कहा कि दोनों के पहले भी शारीरिक संबंध रहे हैं।

साथ ही कहा कि शिकायतकर्ता पीड़िता ने अपनी सहमति से युवक के साथ यौन संबंध बनाए थे। एंव उसके शरीर मे कोई भी चोट के निशान नही थे। जिससे स्पष्ट है कि उसने इसके लिए मना नही किया और इसकी अनुमति दी। कोर्ट ने इन दलीलों को नकारते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

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