उड़ीसा हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में श्रीमती मोती प्रवा महंती के पक्ष में निर्णय दिया है, जिन्होंने नसबंदी के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही के लिए मुआवजा मांगा था। न्यायमूर्ति एस.के. पाणिग्रही के समक्ष लाया गया यह मामला, परिवार नियोजन कार्यक्रमों और चिकित्सा प्रक्रियाओं से जुड़ी जटिलताओं को उजागर करता है। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व श्री
