एक महत्वपूर्ण निर्णय में, झारखंड हाईकोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया है कि मृत्यु पूर्व घोषणाएँ ‘स्वस्थ मानसिक स्थिति’ में की जाएँ, तथा इस बात पर बल दिया कि ऐसी घोषणाओं के लिए कोई निर्धारित प्रारूप नहीं है। यह निर्णय संदीप कुमार त्रिपाठी @ संदीप त्रिपाठी बनाम झारखंड राज्य [सीआर. अपील (डी.बी.)
