सुप्रीम कोर्ट के पारदर्शिता के लिए सिंगल शिफ्ट परीक्षा के आदेश के बाद NEET PG 2025 स्थगित

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-PG) 2025 को स्थगित कर दिया गया है। शीर्ष अदालत ने यह आदेश पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से दिया है, जिसमें कहा गया है कि परीक्षा केवल एक ही पाली (शिफ्ट) में आयोजित की जानी चाहिए।

यह निर्देश उस याचिका के बाद आया जिसमें राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) के दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि अलग-अलग पालियों में प्रश्नपत्र के स्तर में भिन्नता हो सकती है, जिससे स्कोर सामान्यीकरण (normalisation) की प्रक्रिया प्रभावित होती है और यह परीक्षा की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाता है।

याचिका और कोर्ट का रुख

याचिकाकर्ता ने एक “न्यायसंगत, उचित, तर्कसंगत और समान” परीक्षा प्रणाली की मांग की थी, जो केवल एक ही पाली में परीक्षा आयोजित कर के संभव हो सकती है। परीक्षा में बैठने वाले कई अभ्यर्थियों ने भी दो पालियों के फॉर्मेट पर आपत्ति जताई थी और इसे मूल्यांकन की समानता के खिलाफ बताया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने इन चिंताओं को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि नीट-पीजी 2025 की परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की जाए।

परीक्षा कार्यक्रम और लॉजिस्टिक में बदलाव

कोर्ट के आदेश के बाद, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड अब परीक्षा को एक ही पाली में आयोजित करने के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक तैयारियों में जुट गया है। इसके तहत अतिरिक्त परीक्षा केंद्र और सहायक अधोसंरचना (infrastructure) की व्यवस्था की जाएगी।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, NEET-PG 2025 परीक्षा 15 जून को होनी थी, लेकिन अब यह नई तिथि पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा शहर पर्ची, जो 2 जून को जारी होनी थी, और एडमिट कार्ड, जो 11 जून को जारी होने थे—दोनों अब स्थगित कर दिए गए हैं। नई तिथियां जल्द अधिसूचित की जाएंगी।

परीक्षा प्रारूप यथावत

हालांकि परीक्षा की तिथि बदली गई है, लेकिन इसका प्रारूप पहले जैसा ही रहेगा। नीट-पीजी 2025 परीक्षा अंग्रेजी भाषा में कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 200 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होंगे, जो कुल 800 अंकों के होंगे। परीक्षा की अवधि 3 घंटे 30 मिनट होगी।

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NBE ने आश्वासन दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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