शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण में अनियमितताओं के आरोप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व आयोग से जवाब मांगा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को आगामी शहरी निकाय चुनावों के लिए चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में अनियमितताओं के आरोपों वाली याचिका पर राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और अन्य अधिकारियों से संक्षिप्त जवाब मांगा।

यह याचिका कांग्रेस नेता दिलीप कौशल ने दायर की है, जो इंदौर में पार्टी के चुनाव प्रकोष्ठ के प्रभारी और पूर्व पार्षद हैं। उनके वकील जयेश गुर्णानी ने बताया कि याचिका में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

गुर्णानी ने कहा कि याचिका में मध्य प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के उपनियमों को “त्रुटिपूर्ण” बताया गया है। याचिका में आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान मतदाता जोड़ने और हटाने से संबंधित आवेदनों को सार्वजनिक नहीं किया गया, अयोग्य कर्मचारियों को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नियुक्त किया गया, और इंदौर नगर निगम क्षेत्र में एक स्थान पर कथित भवन नंबर “0” पर बड़ी संख्या में मतदाताओं का पंजीकरण किया गया।

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उन्होंने बताया, “सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग, इंदौर के जिला निर्वाचन अधिकारी तथा शहर के सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों से संक्षिप्त जवाब मांगा है।”

याचिका में पूरे राज्य में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम पर रोक लगाने और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को याचिका के निपटारे तक स्थगित करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 26 नवंबर को तय की है।

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