दिल्ली की एक मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 28 वर्षीय युवक की परिवार को ₹34.9 लाख से अधिक का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। यह हादसा 2019 में ग़ाज़ियाबाद के भोपुरा क्षेत्र में हुआ था।
प्रेसाइडिंग ऑफिसर विजय कुमार झा ने 21 जनवरी को यह आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि 8 नवंबर 2019 को सिकंदरपुर कट के पास एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी थी, जिससे बाइक सवार युवक आसिफ की मौत हो गई।
आसिफ को गंभीर चोटें आई थीं और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई कि उसकी मौत कई चोटों के कारण हुए शॉक और रक्तस्राव के चलते हुई।
ट्रिब्यूनल ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, चिकित्सकीय दस्तावेज़ों और आपराधिक मामले की फाइल पर भरोसा करते हुए ट्रक चालक को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। वहीं, बीमा कंपनी की इस दलील को खारिज कर दिया गया कि जिस ट्रक का बीमा था, वह दुर्घटना में शामिल नहीं था।
आदेश में कहा गया, “मेडिकल रिपोर्ट, एफआईआर और गवाहियों से यह सिद्ध होता है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ था।”
चूंकि ट्रक दुर्घटना के समय बीमित था, इसलिए ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर पूरी मुआवज़ा राशि जमा करे।
यह राशि आश्रितों को विभिन्न मदों के तहत दी जाएगी, जिसमें आय की क्षति, अंतिम संस्कार व्यय और पारिवारिक स्नेह की हानि शामिल है।
करीब चार साल पुराने इस मामले में निर्णय से मृतक के परिजनों को न्याय की एक किरण मिली है।

