19 मार्च 2021 की विविध ख़बरें

मालिक ने अपने कुत्ते की पिटाई की,मामला पहुँचा कोर्ट।

उत्तरप्रदेश—- ग्रेटर नोएडा की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अपने मालिक द्वारा घायल हुए कुत्ते की सशर्त न्यायिक सुपुर्दगी पीपल फ़ॉर एनिमल्स को दे दी है। 

सेक्टर-39 थाना क्षेते में रहने वाले मालिक से उसके लैब्राडोर नस्ल के बड्डी नाम के कुत्ते को मुक्त कराया गया था। वकील का इस पर कहना है कि कुत्ते को न्यायिक सुपुर्दगी देने का जिला का यह पहला मामला है। 

एडवोकेट विशाल गौतम के मुताबिक नवंबर 2020 में सेक्टर 39 थाना क्षेत्र की सोसाइटी में रहने वाले मालिक ने अपने कुत्ते को बेरहमी से पीटा था। पीएफए ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कराया और मालिक की कस्टडी से कुत्ते को मुक्त कराया था। 

मालिक ने कुत्ते को इतना पीटा की उसकी टांग भी टूट गई थी। कुत्ते का इलाज पीएफए द्वारा कराया जा रहा है। कुत्ते की पिटाई और उसके उपचार का वीडियो देश विदेश में खूब वायरल हो रहा था। अब जिला अदालत ने  किसी अन्य को न देने की शर्त पर पीएफए को इस कुत्ते की न्यायिक सुपुर्दगी दी है। हालांकि आरोपी मालिक अभी पकड़ा नही गया है। 

साइबर अपराधियों ने कोर्ट बाबू के खाते से उड़ाए 30 हजार रुपए।

प्रयागराज—- फतेहपुर कचहरी में कार्य करने वाले बाबू सियाराम मौर्य का साइबर शातिरों ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से तीन बार मे तीस हजार रुपये पार कर रफूचक्कर हो गए।  जब इस बात की जानकारी बाबू को हुई तो उनके होश फाख्ता हो गए। उन्होंने फाफामऊ थाने में शातिरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

दरअसल सियाराम फतेहपुर कचहरी में कार्यरत हैं।दो दिन पूर्व वह अपने परिवार वालों के साथ गद्दोपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पैसा निकालने गए थे। उसी बीच 3 युवक बाइक से उनके पास आये और उन्हें बातों में उलझाकर उनका एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा एटीएम कार्ड पकड़ा दिया। जब तक उन्हें अपने साथ हुआ धोखाधड़ी का पता चलता है। तब तक उनके खाते से 3 बार मे 30 हजार रुपये निकल चुके थे। 

जलनिगम कर्मचारियों को सेवानिवृत्त देयों पर दो हफ्ते में निर्णय ले:–हाई कोर्ट।

प्रयागराज—-हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि उप्र जल निगम कर्मियों को सेवानिवृत्त देयों का भुगतान सुनिश्चित किया जाय। सालों बाद भी भुगतान न होने से कोर्ट इस मामले को लेकर गंभीर है। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव वित्त,प्रमुख सचिव नगर विभाग,अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक उप्र जल निगम को 2 हफ़्तों के अंदर बैठ कर निगम कर्मचारियों के सेवानिवृत्त परिलाभों का भुगतान कर समाधान निकालने का निर्देश दिया है। साथ ही अपर मुख्य सचिव वित्त व अध्यक्ष जल निगम उप्र से आठ अप्रैल तक कि गई कार्यवाही के बारे में जानकारी भी मांगी है।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र ने जय मूर्ति देवी की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि जल निगम इन वैधानिक संस्था है। वह अपने कर्मचारियों के सेवानिवृत्त देयों का भुगतान रोक कर नही रख सकती। हाई कोर्ट में 8 से 10 याचिकाएं दाखिल हो रही हैं।और कोर्ट भुगतान का आदेश देकर याचिका निरस्त कर रही है। इसी मामले में विधवा को पति के देयों का चार साल गुजर जाने के उपरांत भुगतान नही किया गया। 

बताया गया कि सरकार ने जल निगम के हजारों करोड़ के फंड नही दिए हैं। इस पर कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव वित्त पक्षकार बनाते हुए मुख्य सचिव से कहा है कि सरकारी अधिकारियों को निगम को फंड भेजने का निर्देश दें जिससे कि बिना देरी किए कर्मचारियों के बकाए का भुगतान सुनिश्चित हो सके।

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