मणिपुर हाईकोर्ट ने वायरल वीडियो को ब्लॉक करने की प्रगति रिपोर्ट मांगी, 18 फरवरी तक जानकारी दाखिल करने का निर्देश

मणिपुर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह चुराचांदपुर जिले में एक व्यक्ति की कथित तौर पर गोली मारकर की गई हत्या के वायरल वीडियो को ब्लॉक करने की दिशा में की गई कार्रवाई की अद्यतन जानकारी 18 फरवरी तक अदालत में पेश करे।

यह आदेश न्यायमूर्ति ए. गुनेश्वर शर्मा ने राज्य सरकार द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 जनवरी को पारित किया। याचिका राज्य के गृह आयुक्त के माध्यम से दाखिल की गई थी।

राज्य के महाधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति की कुछ अज्ञात हथियारबंद बदमाशों द्वारा हत्या करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो सार्वजनिक शांति को भंग कर सकता है और इसे शीघ्र हटाया जाना आवश्यक है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी प्रार्थना की गई थी कि Meta Platforms Inc, YouTube (Google LLC व Google India Digital Services Pvt Ltd), और WhatsApp Inc जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह वीडियो हटाने का निर्देश दिया जाए।

सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल की ओर से उपस्थित वकील ने अदालत को सूचित किया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने पहले ही 22 जनवरी को एक ब्लॉकिंग आदेश जारी कर दिया है।

यह आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A और उससे संबंधित नियमों – Information Technology (Procedure and Safeguards for Blocking for Access of Information by Public) Rules, 2009 – के तहत पारित किया गया।

अदालत ने दूरसंचार विभाग के सचिव और MeitY के साइबर कानून एवं ई-सुरक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि वे इस वीडियो को हटाने की प्रक्रिया में अब तक हुई प्रगति का विस्तृत ब्यौरा अगली सुनवाई से पहले अदालत में दर्ज करें।

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मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी 2026 को होगी।

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