वकील ने अपमानित किए जाने पर नाराज़गी ज़ाहिर की तो जस्टिस शिंदे ने…

बॉम्बे हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एस एस शिंदे ने उदारता दिखाते हुए एक वकील को डांटने की बजाय शांत किया,जो पूर्व की कार्यवाही में जज की तरफ से कथित अपमान किये जाने पर नाराजगी व्यक्त कर रहे थे।

जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एन जे जामदार की खंडपीठ ने 8 जून को राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के विरुद्ध सीबीआई की एफआईआर के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी प्रकरण में एडवोकेट जयश्री पाटिल ने जस्टिस शिंदे के खिलाफ आरोप लगाना शुरू किया।

एडवोकेट पाटिल ने यह कहते हुए अपनी दलीलें शुरू की कि चीफ जस्टिस की पीठ ने उनकी याचिका पर 5 अप्रैल 2021 को अनिल देशमुख के खिलाफ प्रारंभिक जांच का आदेश दिया था। इसलिए उन्हें वर्तमान याचिका में एक पक्ष के रूप में जोड़ा जाना चाहिए । एडवोकेट पाटिल ने कहा कि उन्होंने दोनों मामलों को टैग करने के लिए पहले ही प्रधान न्यायाधीश की कोर्ट में एक अर्जी डाली थी। 

अधिवक्ता पाटिल ने कहा कि उन्होंने भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना से शिकायत की कि जस्टिस शिंदे ने उनका अपमान किया, जब याचिका मार्च माह में सुनवाई के लिए जस्टिस शिंदे की पीठ के समक्ष आई थी, क्यूँकि एक दिन पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की थी।

सीनियर अधिवक्ताओं में से एक ने पाटिल के आरोपों पर आपत्ति जाहिर की है। सीनियर एडवोकेट रफीक दादा ने कहा कि पाटिल को एक पक्षकार बनने के लिए आवेदन दायर करना चाहिए। जस्टिस शिंदे ने कहा कि यदि एडवोकेट पाटिल उनके शब्दो से आहत हुए हैं तो उन्हें इस बात का खेद है।

राज्य के वरिष्ठ अधिवक्ता डेरियस खंबाटा ने कहा कि यह कोर्ट का बड़प्पन है कि वह खेद व्यक्त कर रहा है। हालांकि जिस तरह से पाटिल ने इल्जाम लगाए है वह अनुचित है। 

जस्टिस शिंदे ने इस बीच पाटिल से अपनी दलीलें जारी रखने को कहा । लेकिन पाटिल ने अब महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर उन्हें एक पक्षकार बनने नही दे रही है। पाटिल ने यह कहते हुए जस्टिस शिंदे के विरूद्ध अपने आरोपों को दोहराना शुरू कर दिया की न्यायमूर्ति शिंदे ने उन्हें ओपन कोर्ट में अपमानित किया था। 

एडवोकेट खंबाटा ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि यह बिल्कुल उचित और सही नही है। 

अधिवक्ता पाटिल ने कहा कि चीफ जस्टिस को पहले उनकी शिकायत पर निर्णय करना चाहिए या दोनों याचिकाओं को एक साथ लिया जाना चाहिए । पाटिल ने आगे कहा कि ऐसा नही होना चाहिए कि मैं सिर्फ पूर्वाग्रह से ग्रसित हो जाऊं। 

Also Read

सीबीआई के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसके बाद पाटिल को शांत हो जाने के लिए कहा। तुषार मेहता ने कहा कि कृपया कोर्ट की उदारता का फायदा न उठाएं। यह कोर्ट का बड़प्पन है कि वह कुछ नही कह रहा। 

जस्टिस जामदार ने पाटिल से कहा कि दोहराना बंद करिए। उन्होंने शिकायत दर्ज करी है और जस्टिस शिंदे का क्या कहना है इसे सुने शायद आपने नही सुना लेकिन मैंने कहा कि यदि मेरे शब्दों से आपको दुख पहुँचा हो तो मैं खेद व्यक्त करता हूँ। 

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles