Bizzare- RTI के जवाब में मिला अजब गजब जवाब

RTI में पूछे गए प्रश्न का ऐसा जवाब मिला कि आरटीआई एक्टिविस्ट उसे सुन कर भौचक्का रह गया।

देश की राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस से पुछे गए प्रश्न का ऐसा जवाब आरटीआई एक्टिविस्ट को मिला कि वह चकरा गया। 

भारतीय संविधान और कानून की धाराओं की ज्यादा जानकार न होने वाले इस व्यक्ति को
ऐसा जवाब मिला कि वह अब समझ नही पा रहा कि वह अब कहाँ जाय? 

जो उसको दिल्ली पुलिस से जवाब मिला है उसने प्रश्न किया था किसी व्यक्ति को तमाचा मारने पर आईपीसी की किस धारा में मुकदमा पंजीकृत होता है।

दिल्ली पुलिस का जवाब

दिल्ली पुलिस ने आरटीआई एक्टिविस्ट  से कहा है कि इस प्रश्न के उत्तर के लिए आप कानून की किताबों को पढ़ सकते हैं जो किताब बाजारों में आसानी से उपलब्ध हैं।

आरटीआई के जरिये यह प्रश्न दिल्ली निवासी मंजीत सिंह चुग ने किया था।

पूरा प्रकरण

बीते दो सिंतबर की रात को दिल्ली के लाजपत नगर पॉश इलाके में अमन कालरा नाम के लड़के को
उसके नाक के नीचे मास्क होने के कारण दिल्ली पुलिस के सिपाही ने उसे तमाचा जड़ दिया था। 

इसी मामले को लेकर आरटीआई के माध्यम से साउथ ईस्ट जिला पुलिस से 23 सवालों के उत्तर मांगे गए थे।

मंजीत सिंह चुग द्वारा पूछे गए सवाल-

मंजीत सिंह चुग ने इस बात का जिक्र भी किया था उसके द्वारा पूछे गए प्रश्नों में यह भी शामिल है कि
जब दिल्ली पुलिस के सिपाही ऑन ड्यूटी बिना वर्दी पहने ड्यूटी कर सकते है

और मास्क न लगाने पर लोगों के 500 रुपए का चालान किये जाते हैं

लेकिन पुलिस वाले बिना मास्क पब्लिक प्लेस पर घूमे तो उन पर किसी तरह की कार्यवाही नही की जाती

उनके चालान का कोई मूल्य तय नही

उसमे एक सवाल यह भी शामिल है कि लाजपत नगर थाने में तैनात किस किस पुलिसकर्मियों ने अपने रेस्ट रूम में एयरकंडीशन लगवा रखे हैं। 

और जो एसी लगे हैं वह सरकारी है या प्राइवेट?

चुग  मिले जवाबों से असहमत– 

मंजीत सिंह चुग ने दिल्ली पुलिस द्वारा मिले जवाबों में असहमति जताई है । 

उनका कहना है कि मिले  सभी जवाब पूरी तरह से गोलमोल है और उनमें कहि से भी पारदर्शिता नजर नही आती। 

अब उन्होंने उच्च अधिकारियों से कहा है कि पुलिस सीधे तौर पर अगर यह नही बता सकती कि
तमाचा मारने में आईपीसी की कौन धारा में मुकदमा दर्ज होता है तो यह एक गम्भीर विषय है।

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