झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में दो कैदियों के डांस करते हुए वायरल वीडियो मामले में सुरक्षा चूक को लेकर राज्य सरकार और जेल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। वीडियो 12 नवंबर को जेल के अंदर दो कैदियों के डांस का था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने सिर्फ सहायक जेलर और वार्डन को निलंबित किए जाने की जानकारी दी है, लेकिन जेल अधीक्षक और कारा महानिरीक्षक (IG जेल) जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट ने सरकार को पूरक हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया कि इन वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध क्या कदम उठाए गए हैं।
कोर्ट ने जेल परिसर में मोबाइल जैमर की कार्यप्रणाली को लेकर भी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही यह भी पूछा है कि कैदियों को मोबाइल फोन तक कैसे पहुंच मिली, जिससे वे वीडियो बना और वायरल कर सके।
बताया गया है कि वीडियो में दिख रहे कैदी एक कथित शराब घोटाले में आरोपित हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
हाईकोर्ट की यह सख्ती जेलों में अनुशासनहीनता और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई में पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

