मद्रास हाईकोर्ट में ‘जन नायकन’ केस वापस लेंगे निर्माता, सेंसर बोर्ड के फैसले का करेंगे इंतजार

अभिनेता विजय की फिल्म जन नायकन के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट को सूचित किया है कि वे सेंसर बोर्ड के खिलाफ दायर याचिका को वापस लेना चाहते हैं। अब निर्माता रिवाइजिंग कमेटी के फैसले का इंतजार करेंगे, जिससे फिल्म को प्रमाणपत्र मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

तमिल फिल्म जन नायकन के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस ने सेंसर बोर्ड के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई को वापस लेने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, निर्माता अब केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की रिवाइजिंग कमेटी के फैसले का इंतजार करेंगे।

फिल्म निर्माता के वकील विजयन सुब्रमणियन ने मद्रास हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को एक पत्र सौंपकर याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी है। यह मामला 10 फरवरी को न्यायमूर्ति पी.टी. आशा के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।

यह फैसला उस वक्त आया है जब निर्माता पहले यह आरोप लगा चुके हैं कि उन्होंने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए सभी बदलाव करने के बावजूद फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं दिया गया।

27 जनवरी को, मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश एम.एम. श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुलमुरुगन की खंडपीठ ने एकल पीठ द्वारा दिए गए उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें CBFC को तुरंत प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया गया था। खंडपीठ ने कहा था कि फिल्म में सेना और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी कुछ बातें हैं, जिन्हें देखते हुए CBFC को जवाब देने का मौका मिलना चाहिए था।

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हालांकि, अदालत ने केवीएन प्रोडक्शंस को यह स्वतंत्रता दी थी कि वे अपनी याचिका में संशोधन कर एकल पीठ के समक्ष शीघ्र सुनवाई की मांग कर सकते हैं।

गौरतलब है कि न्यायमूर्ति आशा ने 9 जनवरी को फिल्म के निर्माता की याचिका स्वीकार करते हुए CBFC को तत्काल प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था। फिल्म की रिलीज़ 9 जनवरी को पोंगल पर्व से पहले निर्धारित थी, लेकिन अदालत की अपील में दखल के चलते इसे रोका गया।

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जन नायकन अभिनेता विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि वे अब राजनीति में सक्रिय रूप से उतर चुके हैं और 2024 में स्थापित अपनी पार्टी ‘तमिळग विट्ट्री कझगम’ (TVK) के बैनर तले अप्रैल में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

अब जब निर्माता ने याचिका वापस लेने का निर्णय लिया है, फिल्म के प्रमाणन की प्रक्रिया रिवाइजिंग कमेटी के फैसले पर निर्भर करेगी।

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