आईएसआईएस मामले के आरोपी को ‘मुकदमा खत्म कराने’ का लालच देने का आरोप: विशेष एनआईए अदालत ने एनआईए व पुलिस से मांगा जवाब

आईएसआईएस से जुड़े मामले में आरोपी अरीब मजीद की ओर से लगाए गए आरोपों पर संज्ञान लेते हुए विशेष एनआईए अदालत ने एनआईए और बाजार पेठ पुलिस (कल्याण) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। आरोपी ने दावा किया है कि दो लोग सेना के अधिकारी बनकर उसके घर पहुंचे और एक गुप्त अभियान में शामिल होने के बदले उसके खिलाफ चल रहे मुकदमे को “खत्म” कराने का प्रस्ताव दिया।

विशेष एनआईए न्यायाधीश चकोर बाविस्कर ने बुधवार को कहा कि यह “प्रतिरूपण, प्रलोभन देने, बाद में दबाव बनाने और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप” से जुड़ा गंभीर मामला है। अदालत ने एनआईए और बाजार पेठ पुलिस को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च के लिए निर्धारित की।

आरोपी अरीब मजीद ने अपने आवेदन में कहा कि वह किसी भी तरह का न्यायेतर लाभ नहीं चाहता और चाहता है कि उसका मुकदमा केवल विधिक आधार पर तय हो।

आवेदन के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को वह कॉलेज में था, तभी उसकी पत्नी ने फोन कर बताया कि एक अज्ञात पुरुष और महिला उसके कल्याण स्थित घर पहुंचे हैं और उसके आने तक घर के अंदर इंतजार करने की जिद कर रहे हैं।

महिला ने फोन पर स्वयं को भारतीय सेना से बताया और कहा कि उसके साथ नई दिल्ली से आए कर्नल रैंक के वरिष्ठ अधिकारी हैं। आवेदन में कहा गया है कि उन्होंने मजीद से एक “गुप्त ऑपरेशन” में मदद मांगी और बदले में उसके खिलाफ लंबित मुकदमे को “खत्म” कराने का आश्वासन दिया।

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मजीद ने इसे अपने चल रहे मुकदमे को प्रभावित करने या उसे फंसाने का प्रयास मानते हुए उन्हें घर में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने 112 आपातकालीन हेल्पलाइन पर कॉल किया और एनआईए कंट्रोल रूम को भी सूचित किया। आवेदन के अनुसार दोनों व्यक्तियों को बाद में पूछताछ के लिए बाजार पेठ पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

एनआईए का आरोप है कि मजीद 2014 में सीरिया गया था और वहां आईएसआईएस में शामिल हुआ तथा भारत लौटकर आतंकी गतिविधियां करने की योजना बनाई। उसे नवंबर 2014 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित आरोप शामिल हैं, के तहत गिरफ्तार किया गया था।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2021 में उसे जमानत दी थी और वर्तमान में विशेष एनआईए अदालत में मुकदमे की सुनवाई चल रही है।

अदालत ने आरोपी के आवेदन पर एनआईए और स्थानीय पुलिस से विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने संकेत दिया कि आरोप न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े हैं और इस पर एजेंसियों का पक्ष जानना आवश्यक है।

मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।

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