थाने में थप्पड़ मारना पुलिस के आधिकारिक कर्तव्य में नहीं आता

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 15.03.2005 को पुलिस स्टेशन में बुलाया गया और जब वह पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो उन्हें आरोपी पुलिसवाले ने अंदर बुलाया और एक थप्पड़ मारा। शिकायतकर्ता पुलिस स्टेशन से निकल कर अस्पताल चला गया और वहा अपना मेडिकल कराया। उसके बाद उसने शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत दर्ज होने पर पुलिस अधिकारी को मैजिस्ट्रेट द्वारा आईपीसी की धारा 323 और 341 के तहत अपराधों का संज्ञान लिया गया और सम्मन जारी कर याची को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया।

याची-पुलिस अधिकारी ने केरल उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। याची का आधार यह था कि धारा 197 सीआरपीसी के तहत पुलिस अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मुकमा दर्ज करने से पहले सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है।

केरल उच्च न्यायालय ने माना है कि शिकायतकर्ता को थप्पड़ मारने वाला पुलिसकर्मी धारा 197 CrPC के तहत आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं है

सरकारी वकील ने तर्क दिया कि ऐसी घटना को धारा 197 में आधिकारिक क्षमता में किया गया कार्य नहीं कहा जा सकता। इसलिए आपराधिक मुकदमा दायर करने से पहले कोई अनुमति की आवश्यकता नहीं थी।

केरल हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 197 के तहत सुरक्षा का लाभ उठाने के लिए, किया गया कार्य आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन से संबंधित होना चाहिए। 

हालांकि, वर्तमान मामले में, शिकायतकर्ता को पुलिस स्टेशन में बुलाना और उसके साथ मारपीट करना पूरी तरह से अनुचित था।

हाईकोर्ट ने पाया कि सीआरपीसी की धारा 197 के तहत मंजूरी लेने के लिए लोक सेवक को जो कार्रवाई करनी चाहिए वह कुछ ऐसी होनी चाहिए जिसके बिना उसका आधिकारिक कर्तव्य पूरा नहीं हो सकता। 

संरक्षण केवल उन कृत्यों के लिए उपलब्ध है, जो कर्तव्य निर्वाह के लिए अविभाज्य थे। न्यायालय ने यह भी कहा कि किसी के साथ मारपीट को आधिकारिक कर्तव्य नहीं कहा जा सकता।

माननीय न्यायाधीश ने माना कि तत्काल मामले में, याची को धारा 197 के तहत सुरक्षा पाने का अधिकार नहीं था क्योंकि शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने का कार्य उसके आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं था। 

यह आगे कहा गया कि चूंकि ट्रायल कोर्ट ने पहले ही इस मामले का संज्ञान ले लिया है, इसलिए कानून के अनुसार शिकायत को आगे बढ़ा दिया है, उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप बिल्कुल वांछनीय नहीं है।

तदनुसार, रिट याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

Case Details:-

Title:- C.S Raju vs State Of Kerala & Ors

Case No. Crl.Rev.Pet.No.3368 OF 2007 

Date Of Order 14.10.2020

Coram: Hon’ble Justice N Anil Kumar

Counsel for the Petitioner.SRI.C.S.MANILAL; Counsel for the Respondent Mr M.S Breez

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