समझौता करने में असफल रहने पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता- Supreme Court

गुरुवार को Supreme Court की एक खंडपीठ जिसमें माननीय न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और माननीय न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी शामिल थे, ने एक अभियुक्त को जमानत पर रिहा किये जाने का आदेश दिया। 

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अगर अभियुक्त समझौता करने में विफल रहता है तो इस आधार पर मेरिट पर जमानत की सुनवाई से इनकार नहीं किया जा सकता है।

मामले के संक्षिप्त तथ्य

याचिकाकर्ता के वकील ने न्यायालय के समक्ष निम्नलिखित बिंदु पर बहस की –

याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी 21.12.2019 को हुई और उस पर 120बी, 406, 420, 294 (बी), 506 आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध के आरोप लगाए गए। अभियुक्त ने 22.01.2020 को जमानत की अर्जी दायर की जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

अभियुक्त ने दूसरी जमानत याचिका दायर की और कहा कि वह इस विवाद को निपटाने के लिए तैयार हैं। उच्च न्यायालय ने दूसरी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया क्योंकि उसने यह अपने वचन को पूरा नहीं किया। 

जमानत खारिज करने का एक और कारण यह था कि अभियुक्त ने अदालत के समक्ष कह कि वह भुगतान करने की स्थिति में नहीं था।हाईकोर्ट ने मेरिट पर जमानत अर्जी की सुनवाई से इनकार कर दिया।

उच्च न्यायालय के आदेश से क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ता ने सर्वाेच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

Supreme Court का विशलेषण

कोर्ट ने देखा कि चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और यह मामला याचिकाकर्ता द्वारा शिकायतकर्ता को पैसे के भुगतान से संबंधित विवाद है।

कोर्ट ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ता ने कहा था कि यदि वह जमानत पर रिहा होता है, तो वह मामले की पूरी तस्वीर साफ कर देगा।

न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय को याचिकाकर्ता की जमानत याचिका पर मेरिट पर सुनवाई करनी चाहिए थी और उसे इस आधार पर खारिज नहीं करना चाहिए था कि याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से किए गए वचन का सम्मान नहीं किया।

आदेश

मामले के सभी तथ्यों को देखने के बाद माननीय न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और माननीय न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की बेंच ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को जमानतपर रिहा किया जाना चाहिए ।

Case Details

Title: G. Selvakumar vs The State of Tamil Nadu & Ors

Case No.: Special Leave to Appeal (Crl.)No(s).4202-4203/2020

Date of Order: 01.10.2020

Coram: Hon’ble Justice L Nageswara Rao and Hon’ble Justice Ajay Rastogi

Advocates: For Petitioner (s) Mr R.Basant, Sr.Adv. Mr A. Karthik, AOR Mr Sarath S.Janardanan, Adv. Ms Anushka Pardikar, Adv. Mr Akshay Sahay, Adv.; For Respondent(s) Mr M. Yogesh Kanna, AOR Mr Rajarajeswaran, Adv. Mr M. A. Chinnasamy, AOR Ms C.Rubavathi, Adv. Mr P.Rajaram, Adv. Mr V.Senthil Kumar, Adv.

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles