All HC: केवल परेशान करने के लिए अवमानना वाद दायर नहीं किया जाना चाहिए; हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्डपीठ द्वारा पारित 20.08.2019 के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्रबंध निदेशक यू.पी. सहकारी फेडरेशन लिमिटेड, पर व्यक्तिगत रूप 25000 रूपये का जुर्माना लगाया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का 20.08.2019 आदेश, जोकि रतन कुमार जायसवाल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में पारित किया गया है, में याचिकाकर्ता (कंटेम्प्ट याचिका में प्रतिवादी) कहा गया कि याची रू0 9,55,862  की राशि सहकारी फेडरेशन लिमिटेड में जमा करे, क्योंकि वह कस्टम मेड चावल की आपूर्ति करने में विफल रहा था।

याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह राशि का भुगतान करने के लिए कुछ किश्तों को तय कर दिया जाये। इलाहाबद हाईकोर्ट ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, और उसे प्रबंध निदेशक यू.पी.सहकारी संघ लि के समक्ष किश्तों के निर्धारण के लिए आवेदन करने को कहा।

को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड ने एक अवमानना याचिका दायर की जिसमें आरोप लगाया गया कि उपरोक्त आदेश का अनुपालन याचिकाकर्ता द्वारा नहीं किया गया है।

न्यायालय की टिप्पणियॉ

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देखा कि याचिकाकर्ता का कृत्य सिविल अवमानना की परिभाषा में उल्लिखित किसी भी घटक में नहीं आता है और फेडेरेशन यह साबित करने में असमर्थ था कि प्रतिवादी की ओर से किस तरह से कोर्ट की अवमानना की गयी थी।।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि तत्काल अवमानना याचिका बिना मस्तषिक का प्रयोग किये दायर की गई थी, और इसका मकसद केवल प्रतिवादी (रिट याचिका में याचिकाकर्ता) को परेशान करना था।

कोर्ट का फैसला

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया, और न्यायालय ने निर्देश दिया कि 25,000 रू0  का भुगतान व्यक्तिगत रूप से प्रबंध निदेशक, यू.पी. को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि करेंगे, क्योंकि उनके द्वारा अवमानना याचिका दायर करने से पहले अवमानना अधिनियम के प्रावधानों को समझना चाहिए था।

इसके अलावा इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि यदि प्रबंध निदेशक ने अपने वकील की सलाह पर यह अवमानना याचिका दायर की है, तो वह वकील के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

Case Details:-

Title: Co-Operative Federation Ltd. vs Ratan Kumar Jaiswal

Case No. Contempt Application (Civil) No. – 2858 of 2020

Date of Order: 5.10.2020 

Coram: Hon’ble Justice Vivek Agarwal

Counsel for Applicant :- Ram Gopal Tripathi 

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