गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की अस्थायी जमानत बढ़ाने की याचिका पर राज्य सरकार से मांगा जवाब

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू की अस्थायी जमानत बढ़ाने की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह याचिका चिकित्सकीय आधार पर जमानत अवधि बढ़ाने के लिए दायर की गई है।

न्यायमूर्ति ईलेश वोरा और न्यायमूर्ति संदीप भट्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 27 जून तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

86 वर्षीय आसाराम दो अलग-अलग बलात्कार मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्हें 28 मार्च को गुजरात हाईकोर्ट ने तीन महीने की अस्थायी जमानत दी थी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत 31 मार्च को समाप्त हो रही थी।

हाईकोर्ट की खंडपीठ में पहले इस मुद्दे पर मतभेद हुआ था, जिसके बाद मामला तीसरे न्यायाधीश को सौंपा गया, जिन्होंने तीन महीने की जमानत देने के पक्ष में निर्णय दिया।

जनवरी 2023 में गांधीनगर की एक अदालत ने आसाराम को सूरत निवासी एक महिला शिष्या से 2001 से 2006 के बीच बार-बार बलात्कार करने के आरोप में दोषी ठहराया था। घटना उस समय की है जब महिला अहमदाबाद के पास मोतेरा स्थित उनके आश्रम में रह रही थी।

इसके अलावा, आसाराम जोधपुर स्थित आश्रम में 2013 में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में भी दोषी करार दिए जा चुके हैं और उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं।

राज्य सरकार के जवाब के बाद हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 27 जून को करेगा।

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