सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 (Employees’ State Insurance Act, 1948) की धारा 2(17) के अंतर्गत ‘प्रिंसिपल एम्प्लॉयर’ (Principal Employer) की परिभाषा कार्यात्मक है, और यदि कोई व्यक्ति प्रतिष्ठान पर नियंत्रण रखता है या मालिक/ऑक्यूपायर का एजेंट होता है, तो उसकी पदवी (designation) अप्रासंगिक हो जाती है। जस्टिस
