डॉक्टरों और अधिवकताओं को भी सीजीएसटी का नोटिस, वकीलों और डॉक्टरों ने आपत्ति जाहिर की

लॉ ट्रेंड—-सर्विस टैक्स के प्रकरणों में केंद्रीय वस्तु एंव सीजीएसटी विभाग द्वारा कोरोना महामारी के इस दौर में सैकड़ों नोटिस जारी को गई है। इनमे वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टेड अकाउंटेंट, के साथ आर्किटेक्ट भी शामिल है। विधिक और स्वास्थ्य सेवा के दायरे से बाहर होने के बाद भी नोटिस मिलने से वकीलों और डॉक्टरों में बेहद नाराजगी है। 

आयकर अधिनियम की धारा 194 जे के तहत किसी भी प्रोफेशनल की फीस पर टीडीएस लगता है। आयकर विभाग ने ऐसे करदाताओं का विवरण सीजीएसटी विभाग को भेजा था। सीजीएसटी विभाग द्वारा सैकड़ों की तादाद में करदाताओं को उनकी इनकम के आधार पर पहले पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई थी। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के भयाभय रूप से और कोरोना कर्फ्यू के कारण अधिकांश करदाता जवाब नही दे पाए इसी के चलते विभाग द्वारा नोटिस भेजी गई है। इसमें कई वकील और डॉक्टर भी है। 

Also Read

विभागीय दावा है कि पिछले वित्तीय वर्ष तक के मामलों में नोटिस 15 अप्रैल तक भेज दी गई थी। ज्वाइंट कमिश्नर गौरव चंदेल का कहना है कि आयकर से जो डाटा मिलता है। उंसके आधार पर दो तीन बार पत्र भेजकर सूचना मांगी जाती है। करदाता के पेन नंबर में नही लिखा होता है कि वह वकील ,या डॉक्टर है। सत्यापन करना विभाग का काम है। टैक्स बनने पर देना पड़ेगा, नही बनने पर कार्यवाई नही होती है। 

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles