शाहदरा से कड़कड़डूमा तक सड़क पर कूड़े का ढेर: कोर्ट ने एमसीडी से मांगा जवाब

एक अदालत ने गुरुवार को शाहदरा और कड़कड़डूमा के बीच एक सड़क पर कचरा डंप करने से रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग वाली याचिका पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से जवाब मांगा।

याचिका में प्रतिवादियों- पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) और नंद नगरी में उपायुक्त कार्यालय के खिलाफ अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी करने की भी मांग की गई, जिसमें उन्हें कचरा और सीवेज डंप को हटाने और साफ करने का निर्देश दिया जाए।

अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश हिमांशु रमन सिंह ने कहा, “एमसीडी द्वारा जवाब और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 8 अगस्त की तारीख तय की गई है। एमसीडी के संबंधित अधिकारी अदालत में उपस्थित रहेंगे।”

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वकील सचेत शर्मा द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि शाहदरा से कड़कड़डूमा आने वाली सड़क पर कूड़े का ढेर लगभग आधी सड़क को कवर करता है और एक महीने से अधिक समय से बिना ध्यान दिए पड़ा है, जिससे यातायात में बाधा आ रही है।

“सीवेज और सड़क का रखरखाव प्रतिवादियों का कर्तव्य है जिसमें वे अपने कर्तव्यों को निभाने में बुरी तरह विफल रहे हैं और उनकी लापरवाही के कारण वादी को कड़कड़डूमा अदालत में अपने घर से अपने कार्यालय तक आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।” यह दावा किया गया.

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याचिका में कहा गया है कि चूंकि मामला अत्यावश्यक प्रकृति का है, इसलिए वादी (शर्मा) को प्रतिवादियों को वैधानिक नोटिस देने से छूट दी जाए।

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