दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए प्रिय कपूर सहित अन्य को किया तलब; संजय कपूर की मां ने फैमिली ट्रस्ट को बताया फर्जी

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिय कपूर और अन्य के खिलाफ समन जारी किया है। यह कार्रवाई उनकी मां रानी कपूर द्वारा दाखिल उस दीवानी मुकदमे में की गई है जिसमें उन्होंने वर्ष 2017 में गठित “आरके फैमिली ट्रस्ट” को “फर्ज़ी, बनावटी और धोखाधड़ी से तैयार” दस्तावेज़ों पर आधारित बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।

न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने प्रिय कपूर और अन्य प्रतिवादियों, जिनमें संजय कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर की संतानें भी शामिल हैं, को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने रानी कपूर की अंतरिम राहत याचिका पर नोटिस तो जारी किया, लेकिन वर्तमान में संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की गई है।

80 वर्षीय रानी कपूर ने अपनी याचिका में अदालत से मांग की है कि प्रिय कपूर और अन्य को आरके फैमिली ट्रस्ट से जुड़ी किसी भी कार्रवाई से स्थायी रूप से रोका जाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पति सुरिंदर कपूर, जो सोना ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के प्रमोटर थे, की सम्पूर्ण संपत्ति की वे अकेली उत्तराधिकारी थीं।

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उनके अनुसार, “प्रतिवादी नंबर 1 से 9 द्वारा मेरे दिवंगत पुत्र संजय कपूर की मिलीभगत से मेरे नाम पर एक फर्ज़ी ट्रस्ट बना दिया गया और मेरी सभी संपत्तियों को उसमें स्थानांतरित कर दिया गया, बिना मेरी जानकारी के।” उन्होंने यह भी कहा कि संजय कपूर ने अपनी मृत्यु तक कभी यह नहीं बताया कि उन्होंने अपनी मां को उनकी ही संपत्ति से वंचित कर दिया है, और न ही ट्रस्ट की कोई प्रति उन्हें दी गई।

इस संपत्ति विवाद में एक और मोड़ तब आया जब करिश्मा कपूर के दो बच्चों ने भी अपने पिता संजय कपूर की वसीयत को फर्जी बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने प्रिय कपूर पर “लालच” का आरोप लगाते हुए संपत्ति पर दावा ठोका है।

गौरतलब है कि संजय कपूर का निधन 12 जून, 2025 को इंग्लैंड में पोलो मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हो गया था।

अब अदालत इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी कि क्या आरके फैमिली ट्रस्ट वास्तव में धोखाधड़ी के ज़रिए बनाया गया था और इसका प्रभाव संपत्ति के बंटवारे पर क्या होगा।

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