कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास की निजी और आवासीय जानकारी सार्वजनिक किए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को टिप्पणीकार अभिजित अय्यर मित्रा, टेक कंपनी गूगल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कई कानूनी व मीडिया पोर्टलों को नोटिस जारी किया। जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ ने याचिका और अंतरिम राहत आवेदन पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर तय की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि X (पूर्व में ट्विटर) ने सौरव दास के घर के पते से जुड़ी पोस्ट हटा दी हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को सही पक्षों को नामजद करने के लिए संशोधित पार्टी मेमो दाखिल करने का अतिरिक्त समय दिया है।
निजता के अधिकार और सुरक्षा की मांग
सौरव दास ने अपनी याचिका में निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा की मांग की है। उन्होंने अदालत से अभिजित अय्यर मित्रा, गूगल, X और संबंधित मीडिया संस्थानों पर उनके घर का पता या निजी जानकारी प्रकाशित, प्रसारित या साझा करने पर स्थायी रोक लगाने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, उन्होंने अपने पते से जुड़े सभी वीडियो और पोस्ट को इंटरनेट से हटाने व सार्वजनिक पहुंच से बाहर करने के साथ-साथ हर्जाना दिलाने की भी अपील की है।
घर में घुसपैठ और धमकियों का आरोप
याचिका के अनुसार, सौरव दास पिछले एक साल से दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक किराए के कमरे में रह रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रतिवादियों ने गैर-कानूनी तरीके से उनका पता, पारिवारिक विवरण, व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और निजी पहचान से जुड़ी जानकारी हासिल कर उसे बार-बार ऑनलाइन साझा किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके रिहायशी परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर अंदर का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपलोड कर दिया।
सौरव दास ने कहा कि अपनी पत्रकारिता, जनहित से जुड़े खुलासों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण वे पहले भी हिंसक धमकियों और लक्षित विरोध का सामना कर चुके हैं। ऐसे में उनके घर के सटीक पते को लगातार सार्वजनिक और प्रसारित किए जाने से उनके आवास पर शारीरिक हमले और हिंसा का गंभीर व प्रत्यक्ष खतरा बना हुआ है।

