ईडब्ल्यूएस श्रेणी में मुफ्त इलाज की सालाना आय सीमा अब ₹5 लाख: दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को लिया संज्ञान में

दिल्ली हाईकोर्ट ने उस फैसले को रिकॉर्ड पर लिया है जिसमें दिल्ली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत मुफ्त इलाज पाने की वार्षिक आय सीमा को ₹2.20 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है।

यह आदेश 8 जनवरी को जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनीत पी. एस. अरोड़ा की पीठ ने जारी किया। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि ज़रूरतमंद नागरिक इसका लाभ ले सकें।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह बढ़ी हुई आय सीमा दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों और उन निजी अस्पतालों पर लागू होगी जो रियायती दरों पर आवंटित की गई जमीन पर बने हैं और जहां EWS नियम लागू होते हैं।

“अब दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की इच्छुक सभी व्यक्तियों को ₹5,00,000 की EWS आय सीमा के तहत, आवश्यक पूर्व-शर्तें पूरी करने पर, सुविधा उपलब्ध होगी,” अदालत ने कहा।

यह मामला उस स्वतः संज्ञान (suo motu) याचिका से जुड़ा है जिसे हाईकोर्ट ने 2017 में दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में गंभीर देखभाल (क्रिटिकल केयर) की कमी को लेकर शुरू किया था।

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सरकार की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि दिल्ली स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने 2 जनवरी को आदेश जारी कर इस संशोधन को लागू कर दिया है। यह आदेश अदालत के पूर्व निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया।

इससे पहले अदालत ने एम्स निदेशक को डॉ. एस. के. सरीन समिति की सिफारिशों को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस समिति ने स्वास्थ्य प्रणाली में कई कमियों—जैसे रिक्त पद, आवश्यक फैकल्टी की कमी और अधोसंरचना की खराब स्थिति—की ओर इशारा किया था।

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इस मामले में अधिवक्ता अशोक अग्रवाल को न्याय मित्र (amicus curiae) नियुक्त किया गया है, जो अदालत की सहायता कर रहे हैं।

हाईकोर्ट की इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में कमजोर वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराना है। नई सीमा लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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