दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए वाहन सबसे बड़ा कारक: CAQM ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, 15 दीर्घकालिक उपाय सुझाए

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आयोग ने बताया कि वाहन प्रदूषण सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस संकट से निपटने के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की अनुशंसा की है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमय बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पेश होकर कहा कि 2015 से 2025 तक किए गए विभिन्न अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण में यह पाया गया है कि दिल्ली में पीएम 2.5 कणों का स्रोत मुख्यतः एनसीआर क्षेत्र के भीतर ही है, जो प्राथमिक उत्सर्जन और द्वितीयक कणीय निर्माण से उत्पन्न होता है।

CAQM के प्रमुख सुझाव:

CAQM ने इन उपायों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की सिफारिश की:

  1. उच्च उत्सर्जन वाले वाहनों को समयबद्ध रूप से हटाना
    दिल्ली-एनसीआर से अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को उनके उत्सर्जन स्तर के आधार पर हटाने की योजना।
  2. PUC 2.0 की मजबूती और ऑन-रोड वाहन निगरानी
    PUC प्रणाली को आधुनिक रूप (PUC 2.0) में अपडेट कर, सड़क पर चलते वाहनों की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग।
  3. मेट्रो और क्षेत्रीय रेल नेटवर्क का विस्तार
    दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो व रैपिड रेल नेटवर्क की नई लाइनों और स्टेशनों के माध्यम से विस्तार।
  4. मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब का विकास
    मेट्रो, रैपिड रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए केंद्रों का निर्माण।
  5. लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और लाइव ट्रैकिंग सिस्टम
    सार्वजनिक परिवहन के लिए रियल-टाइम यात्री सूचना प्रणाली और लोकेशन आधारित ट्रैकिंग।
  6. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
    सभी वाहनों को ‘शून्य टेलपाइप उत्सर्जन’ वाहन बनाने की दिशा में नीतियों की समीक्षा और पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन।
  7. EV चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का विस्तार
    इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग सुविधाओं का तेज़ी से विकास।
  8. वाहनों को EV में कन्वर्जन के लिए प्रमाणित रेट्रोफिटिंग की अनुमति
    ARAI/ICAT द्वारा प्रमाणित रेट्रोफिटिंग की अनुमति दी जाए।
  9. ई-बस और CNG बस सेवा का विस्तार
    शहरी बस सेवा को ई-बस और CNG बसों के ज़रिए बढ़ाना, MoHUA के सेवा मानकों के अनुसार।
  10. लॉन्ग-हॉल ट्रकों को गैस ईंधन पर स्थानांतरित करना
    एनसीआर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर CNG/LNG नेटवर्क का निर्माण।
  11. दिल्ली बॉर्डर पर RFID और ANPR सिस्टम
    सभी प्रवेश बिंदुओं पर ऑटोमेटेड टोल वसूलने के लिए कैमरा और RFID प्रणाली।
  12. संपूर्ण NCR में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
    दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम आदि शहरी क्षेत्रों में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए ITMS लागू करना।
  13. पार्किंग क्षेत्र प्रबंधन योजनाएं लागू करना
    अव्यवस्थित पार्किंग से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए सख्त योजना।
  14. उच्च पर्यावरण सुरक्षा शुल्क लगाना
    प्रदूषण करने वाले गतिविधियों पर आर्थिक दंड बढ़ाना।
  15. प्रवर्तन को तकनीक आधारित बनाना
    स्वचालित नंबर प्लेट पहचान, रेडियो फ्रीक्वेंसी, रिमोट सेंसिंग और AI आधारित निगरानी को बढ़ावा।
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सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मामलों पर सुनवाई कर रहा है। अदालत ने इससे पहले संबंधित एजेंसियों को दीर्घकालिक समाधान पेश करने के निर्देश दिए थे। CAQM द्वारा दिए गए सुझाव इसी क्रम में पेश किए गए हैं।

अब अदालत इस दिशा में आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित पक्षों से जवाब मांगेगी। आयोग के सुझाव अल्पकालिक उपायों से हटकर संरचनात्मक और नीति-आधारित समाधानों की ओर संकेत करते हैं, जिससे राजधानी के प्रदूषण संकट की जड़ों पर प्रहार किया जा सके।

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