मानहानि मामले में मुम्बई की कोर्ट से सलमान को राहत

महाराष्ट्र– मुम्बई की स्थानीय सिविल कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को उनकी फिल्म क्रिटिक कमाल आर खान (KRK) के विरुद्ध मानहानि मामले में बड़ी राहत प्रदान करते हुए कहा कि केआरके ने आजादी की सीमा लांघी है। कोर्ट ने केआरके को एक्ट्रेस कर उनकी फैमिली के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का उपयोग करने और विवादित बयान से अस्थायी रूप से रोक दिया है। 

आपको जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरा प्रकरण अभिनेता सलमान खान की फ़िल्म राधे के रिव्यू से संबंधित है। कमाल आर खान बॉलीवुड फिल्मों का अपने स्टाइल में रिव्यू करते है। उन्होंने दुबई में राधे का फर्स्ट हाफ देखने के उपरांत इसका भी रिव्यू किया था। केआरके ने रिव्यू करते हुए कहा था, फर्स्ट हाफ देखने के बाद कुछ भी समझ नही आ रहा है। कहानी क्या है करेक्टर क्या है,क्या हो रहा है। मेरा दिमाग पूरी भांति घूम गया है। मुझे समझ ही नही आया। गाने और प्ले एक्शन ठीकठाक है। पर यह सब क्यों हुआ इसका कुछ अतापता नही। ब्रेक के बाद मुझसे थियेटर में भीतर नही जाया गया। 

पूरा मामला विस्तार से—- कमाल आर खान का दावा है कि फिल्मस्टार सलमान ने राधे फ़िल्म के निगेटिव रिव्यू के लिए उन पर मानहानि का मुकदमा किया था।लेकिन अभिनेता सलमान खान की लीगल टीम का कहना है कि केआरके मानहानि का मुकदमा इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने सलमान खान को बदनाम करने के लिए कई तरह के आरोप लगाए है। साथ ही उन्हें भ्रष्ट बताते हुए उनकी संस्था बीइंग ह्यूमन पर धोखाधड़ी और रुपयों के हेरफेर का आरोप लगाया है। 

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मुकदमा दर्ज होने के उपरांत केआरके ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सलमान के हिसाब से उनकी फिल्म राधे सुपरहिट थी,लेकिन उनकी समीक्षा के बाद जनता फ़िल्म देखने गई ही नही और यह बुरी तरह फ्लॉप हो गई। केआरके ने कहा कि जिस तरह सलमान खान को सल्लू दादाजी कहना बुरा लगा,बिल्कुल उसी तरह उन्हें सलमान का फ़िल्म में स्वम को 22 वर्ष का मोरल लौंडा कहलवाना भी बुरा लगा। 

उन्होंने यह भी कहा कि फ़िल्म में जब दिशा पटानी से सलमान खान ने खुद को भोलू क्यूट बॉय कहलवाया,तो भी उन्हें बुरा लगा। केआरके ने आगे बात समाप्त करते हुए कहा कि दिशा पटानी को तो रुपया देकर फ़िल्म में रोल दिया गया था,इसलिए वह मजबूर थी, लेकिन हम नही।

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