‘न्याय के लिए भौगोलिक दूरियां बाधा नहीं’: सीजेआई सूर्यकांत ने कारगिल में अत्याधुनिक जिला अदालत परिसर का किया उद्घाटन

न्याय प्रणाली और सुदूर क्षेत्रों के बीच की दूरी को मिटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने रविवार को कारगिल में नवनिर्मित जिला अदालत परिसर का वर्चुअली उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय की पहुंच भौतिक सीमाओं से परे होनी चाहिए और भौगोलिक अलगाव कभी भी किसी नागरिक के कानूनी अधिकारों की राह में रोड़ा नहीं बनना चाहिए।

यह उद्घाटन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के न्यायिक बुनियादी ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने इसे देश के सबसे कठिन इलाकों में कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में एक “ऐतिहासिक कदम” बताया।

इस गरिमामयी समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली सहित हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश भी शामिल हुए। सीजेआई सूर्यकांत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह नई सुविधा महज एक इमारत नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा का प्रतीक है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “भौगोलिक बाधाओं को न्याय वितरण में बाधक नहीं बनने दिया जाना चाहिए।” उन्होंने कारगिल को “लचीलेपन और जीवंतता का प्रतीक” बताते हुए कहा कि यह नया परिसर न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार है, बल्कि न्याय प्रणाली की गुणवत्ता में एक बड़ा गुणात्मक बदलाव है, जिससे वादियों में न्याय के प्रति नया विश्वास पैदा होगा।

समारोह के दौरान एक विस्तृत 3D प्रेजेंटेशन के माध्यम से नए परिसर की वास्तुकला को प्रदर्शित किया गया। यह परिसर आधुनिक कोर्ट रूम, प्रशासनिक कार्यालयों और न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय क्वार्टरों से सुसज्जित है, जो स्थानीय न्यायपालिका के लिए एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करता है।

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लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने इस परियोजना को सफल बनाने में सीजेआई के नेतृत्व की सराहना की। सक्सेना ने इस परिसर को लद्दाख के लोगों के लिए “सुलभ और प्रभावी न्याय” सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया और न्यायपालिका को भविष्य में भी पूर्ण प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया।

इन्हीं भावनाओं को दोहराते हुए, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली ने क्षेत्र में न्यायिक सुविधाओं के निरंतर आधुनिकीकरण और विस्तार के प्रति अपना उत्साह साझा किया।

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स्थानीय कानूनी समुदाय ने भी इस विकास का स्वागत किया है। कारगिल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रियाज अहमद खान ने सीजेआई और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस उद्घाटन से क्षेत्र की “लंबे समय से लंबित मांग” पूरी हुई है। खान ने विश्वास व्यक्त किया कि उन्नत बुनियादी ढांचे से जिले की कानूनी कार्यवाही की दक्षता में काफी सुधार होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के साथ हुई, जिसके बाद औपचारिक रूप से स्मारक पट्टिका का अनावरण किया गया।

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